CM जयराम ने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री से मांगा 540 करोड़ का ऋण व 350 करोड़ का अनुदान, जानिए क्याें

7/3/2020 5:51:01 PM

शिमला (ब्यूरो): मार्च व अप्रैल माह की देनदारियां पूरी करने के लिए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री से 540 करोड़ रुपए के ऋ ण व 350 करोड़ रुपए अनुदान प्रदान करने का आग्रह किया। शुक्रवार को राज्यों के ऊर्जा मंत्रियों के सम्मेलन में वीडियो कॉन्फ्रैंसिंग के माध्यम से भाग लेते हुए मुख्यमंत्री ने केंद्रीय ऊर्जा राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार आरके सिंह से हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड को 540 करोड़ रुपए के ऋण पीएफसी/आरईसी के माध्यम से प्रदान करने का आग्रह किया ताकि मार्च और अप्रैल माह की देनदारियां पूरी की जा सकें। मुख्यमंत्री ने इसके अतिरिक्त उनसे 350 करोड़ रुपए अनुदान के रूप मेें दिए जाने का आग्रह किया। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से आरईसी/पीएफसी के माध्यम से होने वाले ऋणों पर ब्याज दरों को भी कम करने का आग्रह किया।

डिस्कॉम वित्तीय सहायता के लिए जताया केंद्रीय मंत्री का आभार

डिस्कॉम की नकदी समस्याओं का संज्ञान लेते हुए 90 हजार करोड़ रुपए की नकदी डालने का निर्णय लेने के लिए केंद्रीय ऊर्जा मंत्री का धन्यवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जनकोस व ट्रांसकोज के 31 मार्च तक के देय भुगतान पर ही डिस्कॉम्स वित्तीय सहायता के लिए पात्र होगा। उन्होंने कहा कि राज्य बिजली बोर्ड और डिस्कॉम ने मार्च, 2020 तक अपनी देनदारियों का भुगतान कर दिया है। उन्होंने कहा कि अब मार्च और अप्रैल, 2020 तक 540 करोड़ रुपए की देनदारियां लंबित हैं। मुुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान हुए लॉकडाऊन से प्रभावित औद्योगिक इकाइयों, आर्थिक प्रतिष्ठानों, होटलों और रेस्तरां को राहत पहुंचाने के लिए राज्य सरकार ने छूट और डिमांड चार्जिज को टालने के माध्यम से 47 करोड़ रुपए की राहत दी है।

लॉकडाऊन में विद्युत बोर्ड को लगभग 319 करोड़ रुपए का नुक्सान

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए बिजली के बिल जमा करने की तिथि को कई बार बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि लॉकडाऊन के कारण बिजली की मांग में 40.45 प्रतिशत की कमी आई है, जिससे हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड को लगभग 319 करोड़ रुपए का नुक्सान हुआ है। इस मौके पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री टीएस रावत और दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया सहित विभिन्न राज्यों के ऊर्जा मंत्रियों ने भी इस बैठक में वीडियो कॉन्फ्रैंस के माध्यम से भाग लिया। वहीं अतिरिक्त मुख्य सचिव ऊर्जा राम सुभग सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर मौजूद रहे।

सरकार शिमला व धर्मशाला में स्थापित करेगी स्मार्ट बिजली मीटर

वीडियो कॉन्फ्रैंसिंग के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार निकट भविष्य में शिमला और धर्मशाला में 1.52 लाख स्मार्ट बिजली मीटर स्थापित करेगी। उन्होंने कहा कि यद्यपि केंद्र सरकार ने विशेष श्रेणी के राज्य हिमाचल प्रदेश को निश्चित अनुदान प्रदान करने का भी प्रावधान किया है, परंतु इसे वास्तविक लागत के माध्यम से निश्चित किया जाना चाहिए ताकि 22 लाख उपभोक्ताओं, जिसमें 20 लाख घरेलू उपभोक्ता पर कम से कम भार पड़े।

काजा में 1000 मैगावाट सौर ऊर्जा मैगा पार्क का निर्माण प्रस्तावित

मुुख्यमंत्री ने कहा कि एसजेवीएनएल तथा राज्य सरकार द्वारा काजा में 1000 मैगावाट सौर ऊर्जा मैगा पार्क का निर्माण प्रस्तावित है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा निकासी के लिए प्रभावशाली व्यवस्था बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने इस संदर्भ में केंद्रीय ऊर्जा सचिव को पहले ही एक पत्र लिखा है।

केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री को किया आश्वस्त

केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आर.के. सिंह ने कहा कि कोविड-19 महामारी के कारण विभिन्न क्षेत्र प्रभावित हुए हैं और ऊर्जा क्षेत्र भी इससे अछूता नहीं है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र को हुई क्षति से उभारने के लिए प्रभावी कदम लेने और नवीन पहल की आवश्यकता है। केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि केंद्र सरकार राज्य सरकार की मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी।


Vijay

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