कुदरत का कहर: किन्नौर के लिप्पा गांव में फटा बादल, भोगती नाले में आए सैलाब ने मचाई तबाही
punjabkesari.in Friday, Aug 29, 2025 - 12:54 PM (IST)

रिकांगपिओ (रिपन): जिला किन्नौर के लिप्पा में शुक्रवार सुबह बादल फटने के कारण भाेगती नाले में आई बाढ़ से ग्रामीणों के सेब के फलदार पौधे, गऊशालाएं तथा पेयजल योजना आदि क्षतिग्रस्त हो गए हैं। बाढ़ का मलबा गांव के कई घरों में घुस गया है, जिससे ग्रामीणों को भारी आर्थिक नुक्सान हुआ है। बादल फटने की घटना के बाद ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है। वहीं बाढ़ के कारण 2 मजदूर भी मलबे की चपेट में आ गए थे, जिन्हें सुरक्षित रैस्क्यू करके उपचार के लिए क्षेत्रीय चिकित्सालय रिकांगपिओ ले जाया गया।
लिप्पा पंचायत प्रधान हरीश ने बताया कि शुक्रवार सुबह लगभग 6 बजे पनसेरिंग नामक स्थान पर अचानक बादल फट गया जिससे लिप्पा गांव के भोगती नाले में बाढ़ आ गई तथा बाढ़ से भारी मात्रा में आया हुआ मलबा लगभग 50 बागवानों के बगीचों में घुस गया, जिससे बागवानों के फलदार सेब के पौधों को भारी नुक्सान हुआ है। इसके अतिरिक्त इस बाढ़ के कारण लगभग 10 गौशालाएं, सिंचाई टैंक तथा पेयजल पाइपें भी क्षतिग्रस्त होकर बह गई हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि हालांकि यह बाढ़ ग्रामीणों के रिहायशी मकानों से कुछ दूरी पर आई है नहीं तो जानी नुक्सान भी हो सकता था, जबकि इस बाढ़ के कारण गांव का रास्ता भी पूरी तरह कट गया है। इस दौरान नाले में आए तेज बहाव में वहां एक शैड में रह रहे नन्द लाल पुत्र केसरू व राज सिंह पुत्र जगदीश गांव कोटी तहसील बनी, जिला कठूआ (जम्मू) के 2 मजदूर भी मलबे के नीचे दब गए थे, जिन्हें स्थानीय लोगों ने रैस्क्यू कर पीएचसी लिप्पा पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार देने के बाद दाेनाें काे क्षेत्रीय चिकित्सालय रिकांगपिओ भेजा गया। हालांकि इस दौरान उक्त दोनों मजदूरों को हल्की चोटें आई हैं।
वहीं डीसी किन्नौर डाॅ. अमित कुमार शर्मा ने बताया कि लिप्पा में बादल फटने के कारण ग्रामीणों के बगीचों व घरों को नुक्सान पहुंचा है। उन्होंने यह भी बताया कि इस घटना में जम्मू के 2 मजदूर भी घायल हुए हैं, जिन्हें उपचार के लिए क्षेत्रीय चिकित्सालय रिकांगपिओ लाया गया है तथा उक्त दोनों मजदूरों को प्रशासन की ओर से 10-10 हजार रुपए की फौरी राहत राशि दी गई है। इसके अतिरिक्त कृषि, उद्यान, राजस्व व अन्य संबंधित विभागों को नुक्सान का आकलन करने के निर्देश दिए गए हैं।