कुदरत का कहर: सतरूंडी, रानीकोट व कर्थ नाला मे बादल फटने से चम्बा-किलाड़ मार्ग बंद, पांगी घाटी का संपर्क कटा

punjabkesari.in Thursday, Jul 23, 2026 - 07:41 PM (IST)

तीसा (सुभानदीन): चम्बा जिले के चुराह उपमंडल में मानसून ने भारी तबाही मचाई है। अतिसंवेदनशील और रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माने जाने वाले बैरागढ़-सचे जोत-किलाड़ मार्ग पर लगातार मूसलाधार बारिश और भूस्खलन के कारण जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। हालात इतने खराब हैं कि पांगी घाटी को जोड़ने वाला यह मुख्य संपर्क मार्ग पूरी तरह कट गया है।

जानकारी के अनुसार क्षेत्र के सतरूंडी नाला, रानीकोट और कर्थ नाला में बादल फटने से अचानक जलस्तर भयानक रूप से बढ़ गया। पहाड़ों से आए पानी के तेज बहाव ने भारी कहर बरपाया है। पानी के साथ भारी मात्रा में मलबा, बड़े-बड़े बोल्डर और कीचड़ सीधे सड़क पर आ गिरे। मलबे और भूस्खलन के कारण चम्बा-किलाड़ मार्ग कई स्थानों पर बुरी तरह क्षतिग्रस्त होकर बह गया है। सड़क के पूरी तरह टूट जाने के कारण इस मार्ग पर छोटे-बड़े सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही पूर्ण रूप से बंद हो गई है। पांगी घाटी का संपर्क कट जाने से स्थानीय लोगों के साथ-साथ घाटी का रुख कर रहे पर्यटकों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

हालात की गंभीरता को देखते हुए डीसी चम्बा मुकेश रेप्सवाल ने कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने बताया कि सुरक्षा के मद्देनजर चम्बा-किलाड़ मार्ग को आगामी आदेशों तक हर तरह की आवाजाही के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया है। डीसी ने सभी नागरिकों और पर्यटकों से अपील की है कि वे फिलहाल इस मार्ग पर यात्रा करने से बचें और जिला प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करें।

लगातार हो रही भारी बारिश के दौर को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने लोगों और वाहन चालकों को सख्त हिदायत दी है कि वे अनावश्यक रूप से पहाड़ी रास्तों और नदी-नालों के किनारे बिल्कुल न जाएं। प्रशासन का कहना है कि मौसम साफ होते ही सड़क से मलबा हटाने और यातायात बहाल करने के लिए भारी मशीनरी तैनात कर दी जाएगी। हालांकि, क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश राहत और बहाली कार्यों में सबसे बड़ी बाधा बनी हुई है।

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Content Writer

Vijay

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