Mandi: जिस पर किया भराेसा...उसी ने दे दिया धाेखा, अब कोर्ट ने दगाबाज बिजनैस पार्टनर को सिखाया ऐसा सबक
punjabkesari.in Wednesday, Jan 14, 2026 - 01:03 PM (IST)
मंडी (रजनीश): मंडी की सीनियर सिविल जज की अदालत ने व्यापारिक धोखाधड़ी और पार्टनरशिप शर्तों के उल्लंघन के एक मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने प्रतिवादी अजय कुमार को आदेश दिया है कि वह वादी पक्ष (दिवंगत मनी राम के कानूनी वारिसों) को 21 लाख रुपए की राशि का भुगतान करे। अदालत ने यह भी निर्देश दिया है कि वाद दायर करने की तिथि से लेकर रिकवरी होने तक इस राशि पर 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा।
यह विवाद वर्ष 2014-15 में शराब के ठेकों के संचालन के लिए हुई एक पार्टनरशिप से जुड़ा है। दिवंगत मनी राम ने रोहंडा चौक और जुन्गी करसोग में शराब के ठेके चलाने के लिए अजय कुमार व अन्य के साथ साझेदारी की थी। पार्टनरशिप डीड (समझौते) के अनुसार अजय कुमार को व्यापार का 75 प्रतिशत हिस्सा मिलना तय हुआ था। शर्त यह थी कि व्यापार में होने वाले किसी भी नुक्सान की पूरी जिम्मेदारी अजय कुमार की होगी। फर्म के खातों का संचालन और आबकारी विभाग का टैक्स जमा करने का जिम्मा भी अजय के पास था।
मामले में मोड़ तब आया जब वित्तीय वर्ष 2015-16 के अंत में यह खुलासा हुआ कि अजय कुमार ने 22,61,718 रुपए की लाइसैंस फीस जमा ही नहीं करवाई। टैक्स न भरे जाने पर आबकारी विभाग ने कार्रवाई करते हुए सुरक्षा के तौर पर रखी गई मनी राम की फिक्स्ड डिपॉजिट को जब्त कर लिया। पार्टनरशिप डीड के मुताबिक इस नुक्सान की भरपाई अजय को करनी थी, लेकिन वह इसमें विफल रहा।
अदालत की सुनवाई के दौरान प्रतिवादी अजय कुमार न तो पेश हुआ और न ही उसने अपना कोई पक्ष रखा। कोर्ट ने इसे उसकी ओर से दोष की मूक स्वीकारोक्ति माना। न्यायाधीश ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि वादी ने अजय कुमार के भरोसे पर अपनी गाढ़ी कमाई दांव पर लगाई थी, जिसे प्रतिवादी के धोखाधड़ीपूर्ण कृत्य से भारी नुकसान पहुंचा। अदालत ने इसे एक गंभीर व्यावसायिक मामला मानते हुए अजय कुमार को मूल राशि, ब्याज और मुकद्दमे का पूरा खर्च वहन करने का निर्देश दिया है।

