Bilaspur: एम्स में भरे जाएंगे डॉक्टरों के 69 पद, 27 अक्तूबर को वॉक-इन इंटरव्यू
punjabkesari.in Thursday, Oct 15, 2026 - 05:25 PM (IST)
बिलासपुर (बंशीधर): एम्स बिलासपुर में डॉक्टरों की कमी दूर करने और विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम उठाया गया है। संस्थान में चिकित्सकों के कुल 69 पदों पर भर्ती की जाएगी। इनमें सीनियर रेजिडेंट के 47 और सुपर स्पेशियलिटी विभागों के 22 पद शामिल हैं। इन पदों को भरने के लिए 27 अक्तूबर को वॉक-इन इंटरव्यू आयोजित किया जाएगा। भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद विभिन्न विभागों में डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ने और मरीजों को बेहतर उपचार सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। जानकारी के अनुसार एम्स बिलासपुर में हिमाचल प्रदेश के अलावा दूसरे राज्यों से भी बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ने से मरीजों को गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए दूसरे अस्पतालों पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है। खासकर हृदय रोग, मस्तिष्क एवं तंत्रिका तंत्र संबंधी बीमारियों, कैंसर और किडनी रोगों से पीड़ित मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं का लाभ मिल सकेगा।
गंभीर बीमारियों के उपचार को मिल सकती है मजबूती
भर्ती के तहत कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी, न्यूरोसर्जरी, नेफ्रोलॉजी, नियोनेटोलॉजी, मेडिकल ऑन्कोलॉजी, क्रिटिकल केयर, यूरोलॉजी और सर्जिकल ऑन्कोलॉजी सहित विभिन्न सुपर स्पेशियलिटी विभागों में 22 पद भरे जाएंगे। इन विभागों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ने से मरीजों को विशेषज्ञ परामर्श, जांच और उपचार संबंधी सुविधाएं उपलब्ध करवाने में मदद मिलेगी। गंभीर मरीजों के उपचार और विशेष चिकित्सा सेवाओं को सुचारू बनाने में भी यह भर्ती महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
नियमित और आपातकालीन सेवाओं को भी मिलेगी मजबूती सीनियर रेजिडेंट के 47 पद एनेस्थीसिया, सामान्य चिकित्सा, सामान्य सर्जरी, हड्डी रोग, बाल रोग, रेडियोडायग्नोसिस, पैथोलॉजी, न्यूक्लियर मेडिसिन तथा ट्रॉमा एवं इमरजेंसी सहित विभिन्न विभागों में भरे जाएंगे। इन पदों पर नियुक्तियां होने से नियमित मरीजों के उपचार के साथ ऑपरेशन, जांच और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को बेहतर ढंग से संचालित करने में सहायता मिलने की उम्मीद है।
एम्स प्रशासन की माने तो भर्ती का उद्देश्य संस्थान में चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ाने के साथ विभिन्न विभागों की चिकित्सा व्यवस्था को मजबूत करना है। इससे मरीजों को समय पर विशेषज्ञ परामर्श और उपचार उपलब्ध करवाने की दिशा में मदद मिल सकती है।

