Bilaspur: देश की उन्नति में मायने रखता है नीति निर्धारण व नीति निर्धारकों की सोच : नड्डा

punjabkesari.in Tuesday, Oct 06, 2026 - 11:24 PM (IST)

बिलासपुर (विशाल): एम्स बिलासपुर के मंगलवार को हुए प्रथम दीक्षांत समारोह में मुख्यातिथि के रूप में पहुंची महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का स्वागत करते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि बिलासपुर जिले के लिए यह ऐतिहासिक दिन है क्योंकि आजाद भारत के इतिहास में बिलासपुर आने वाली वे प्रथम राष्ट्रपति हैं। वहीं एम्स बिलासपुर भी सौभाग्यशाली है क्योंकि वर्ष 2018 में इसका शिलान्यास भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया व सिर्फ 4 सालों में ही बन कर तैयार होगा। इस एम्स परिसर का लोकार्पण भी वर्ष 2022 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ही किया है और अब इस एम्स के प्रथम दीक्षांत समारोह में स्वयं महामहिम राष्ट्रपति आई हैं। उन्होंने राष्ट्रपति का भी धन्यवाद करते हुए कहा कि उनकी शिक्षा व स्वास्थ्य में बहुत रुचि है व राष्ट्रपति से उन्होंने जब भी कुछ मांगा तो वह अवश्य मिला है।
पिछले 12 वर्षों में देश को मिले 16 नए एम्स संस्थान
वहीं उन्होंने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि देश की उन्नति में नीति निर्धारण व नीति निर्धारकों की सोच बहुत मायने रखती है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1960 के दशक में देश में पहला एम्स दिल्ली में खुला व इस शताब्दी के अन्त तक देश में एक ही एम्स रहा। स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के प्रधानमंत्री बनने पर देश को 6 एम्स और मिले व पिछले 12 वर्षों में देश को 16 एम्स और मिले। अब देश में एम्स की संख्या 23 हो चुकी है। यह नीति निर्धारण का फर्क है। नड्डा ने बताया कि मैडीकल शिक्षा में भारत ने बड़ी छलांग लगाई है। वर्ष 2014 तक देश में मात्र 384 मैडीकल कालेज थे जिनकी संख्या अब बढ़कर 858 हो चुकी है। इनमें 71 प्रतिशत की बढ़ौतरी हुई है। मैडीकल शिक्षा में चिकित्सकों की यूजी सीटें 51,348 से बढ़ा कर 1 लाख 42 हजार कर दी गई हैं। पीजी सीटें 31,000 से बढ़ाकर 86,000 कर दी गई हैं। इतना ही नहीं केंद्र सरकार ने वर्ष 2029 तक यूजी व पीजी में 75,000 सीटें और बढ़ाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

नड्डा ने निष्ठा व मेहनत के साथ पढ़ाई करने का किया प्रशिक्षुओं से आह्वान
वहीं उन्होंने प्रशिक्षु डाक्टरों व पैरामैडीकल प्रशिक्षुओं से कहा कि स्कूल व कालेज की शिक्षा प्राप्त करना सभी का जन्मसिद्ध अधिकार हो सकता है लेकिन प्रोफैशनल शिक्षा प्राप्त करना सौभाग्य की बात है। प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष 2025 की केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में एमबीबीएस व पीजी की 10 हजार सीटों के लिए वर्ष 2029 तक डेढ़ करोड़ रुपए प्रति सीट के हिसाब से 15 हजार करोड़ रुपए की बजट स्वीकृत किया है। इसलिए पूरी निष्ठा व मेहनत के साथ पढ़ाई करें व एम्स ब्रांड के नाम को और ऊंचा उठाएं।

4 वर्षों में 4 लाख से भी अधिक हो चुकी है एम्स की ओपीडी
वहीं केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने बिलासपुर एम्स की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि थोड़े ही समय में एम्स 776 बिस्तरों वाला अस्पताल बन चुका है जबकि यहां लक्ष्य केवल 750 बिस्तर स्थापित करना था। उन्होंने बताया कि बिलासपुर एम्स में 26 स्पैशलिटीज, 13 सुपर स्पैशलिटीज, कैंसर केयर व रेडियोथैरेपी जैसी बड़ी स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से चल पड़ी हैं। उन्होंने बताया कि गत 4 वर्षों में एम्स की ओपीडी में 4 लाख से भी अधिक मरीज आ चुके हैं वहीं आईपीडी यानि दाखिल कर मरीजों का इलाज करने का आंकड़ा 1 लाख रोगियों की संख्या पार कर चुका है।

उन्होंने कहा कि किसी भी स्वास्थ्य संस्थान को पूरी तरह से बनने में लगभग 10 वर्ष लगते हैं व एम्स बिलासपुर की इस मामले में चल रही गति सराहनीय है। उन्होंने विश्वास जताया कि शीघ्र ही एम्स बिलासपुर चिकित्सा क्षेत्र में और भी बड़ा नाम व प्रसिद्धि हासिल कर लेगा। इस अवसर पर बिलासपुर जिले की भाजपा के तीनों विधायक रणधीर शर्मा, जीत राम कटवाल व त्रिलोक जम्वाल भी मौजूद रहे।


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Kuldeep

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