28 गेंदों में शतक, 50 गेंदों में ठोके 176 रन...हिमाचल के लाल ने तोड़ा क्रिस गेल का रिकॉर्ड
punjabkesari.in Friday, Mar 27, 2026 - 08:01 PM (IST)
चम्बा (काकू): इरादे अगर फौलादी हों तो इंसान मौत के मुंह से भी वापस लौटकर इतिहास रच सकता है। हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के छोटे से गांव जुम्हार के रहने वाले अजय शर्मा ने इंडिया पैरा क्रिकेट के इतिहास में ऐसा ही एक स्वर्णिम अध्याय लिख दिया है। पिता की चाय की रेहड़ी पर काम करते हुए भयानक हादसे का शिकार हुए अजय ने जोनल क्रिकेट टूर्नामेंट में क्रिस गेल का विश्व रिकॉर्ड तोड़ दिया है।
आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में आयोजित हो रहे जोनल क्रिकेट टूर्नामेंट (जिसमें देश के 5 जोन हिस्सा ले रहे हैं) में अजय शर्मा ने तबाही मचा दी। 15 ओवर के इस मैच में सैंट्रल जोन के खिलाफ खेलते हुए अजय ने मात्र 50 गेंदों में 176 रन की नाबाद और ऐतिहासिक पारी खेली। इस तूफानी पारी में 19 गगनचुंबी छक्के और 12 चौके शामिल रहे। अजय ने अपना शतक महज 28 गेंदों में पूरा कर लिया। इस पारी के साथ ही अजय ने टी-20 क्रिकेट में यूनिवर्स बॉस क्रिस गेल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। गेल ने आईपीएल 2013 में पुणे वॉरियर्स के खिलाफ 50 गेंदों में 175 रन बनाए थे। हिमाचल प्रदेश दिव्यांग क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष कुलदीप ठाकुर ने अजय की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर खुशी जाहिर की है।
एक हादसे ने बदल दी जिंदगी
अजय का यह सफर आसान नहीं था। बचपन से ही क्रिकेट के दीवाने अजय अंडर-16 के 2 नैशनल कैंप और अंडर-19 खेलकर चम्बा वापस लौटे थे। एक दिन वह अपने पिता की चाय की रेहड़ी पर तिरपाल और पानी ठीक कर रहे थे। तभी वह हाई वोल्टेज तारों की चपेट में आ गए। हादसा इतना भयानक था कि तारों ने उन्हें 6 फुट दूर से खींच लिया। करंट लगने से अजय बेहोश हो गए और लगातार 9 दिन तक कोमा में रहे। हालत बिगड़ने पर 15 अगस्त को उन्हें पीजीआई चंडीगढ़ ले जाया गया। वहां जिंदगी बचाने के लिए उनके 8 ऑप्रेशन हुए। इलाज में 15 लाख रुपए से ज्यादा का खर्च आया, जिसे चाय बेचने वाले पिता ने बैंक से लोन और लोगों से उधार लेकर चुकाया।
डिप्रैशन को हराया, फिर से पकड़ा बल्ला
डॉक्टरों की मेहनत से 3 साल बाद अजय चलने-फिरने लायक तो हुए, लेकिन उनका शरीर पहले जैसा नहीं रहा। क्रिकेट छूटने के गम में वह करीब 1 साल तक डिप्रैशन (अवसाद) में रहे, लेकिन परिवार, विशेषकर बड़े भाई नितिन शर्मा के सपोर्ट ने उन्हें टूटने नहीं दिया। अजय ने फिर से ग्राऊंड पर पसीना बहाना शुरू किया और अब इतिहास रच दिया। अपनी इस कामयाबी का श्रेय अजय ने अपने कोच योगराज सिंह, अपने माता-पिता और बड़े भाई नितिन को दिया है।
15 से ज्यादा नैशनल टूर्नामैंट और सीरीज खेल चुके हैं अजय
गांव से 10वीं करने के बाद चम्बा के राजकीय बाल वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय से कॉमर्स में 12वीं करने वाले अजय आज इंडिया पैरा क्रिकेट का बड़ा नाम बन चुके हैं। वह अब तक 15 से ज्यादा नैशनल टूर्नामैंट और सीरीज खेल चुके हैं। चेन्नई में वह इंडिया ए टीम का हिस्सा भी रह चुके हैं। इसके अलावा वह 7 नैशनल और एक इंटरनैशनल पैरा स्पोर्ट्स में भी अपना दम दिखा चुके हैं। अजय की यह पारी उन सभी युवाओं के लिए एक मिसाल है, जो मुश्किलों के आगे जल्दी हार मान लेते हैं।

