धूमल बोले-हिमाचल के 14 प्रतिशत लोग क्यों नहीं हुए साक्षर, सरकार बनने पर होगा सर्वे

धूमल बोले-हिमाचल के 14 प्रतिशत लोग क्यों नहीं हुए साक्षर, सरकार बनने पर होगा सर्वे

ऊना/हमीरपुर: पूर्व मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल ने सवाल किया है कि हिमाचल में 14 प्रतिशत लोग साक्षर क्यों नहीं हो पाए हैं यह बड़ा जांच का विषय है। चंडीगढ़ से हमीरपुर जाते हुए पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में उन्होंने कहा कि विश्व साक्षरता दिवस के मौके पर यह चिंतन किया जाना चाहिए कि इस छोटे से प्रदेश में यह 14 प्रतिशत आबादी साक्षरता से वंचित क्यों हुई। इसके पीछे क्या वजह रही है। उन्होंने कहा कि सरकार बनने पर एक विशेष सर्वेक्षण करवाया जाएगा और बचे हुए लोगों को साक्षर करने के लिए विशेष अभियान भी चलाया जाएगा। 

5 वर्ष तक कहां सोए रहे अब घोषणाएं करने वाले
उन्होंने आरोप लगाया कि हिमाचल हर मामले में पिछड़ता क्यों जा रहा है। इसकी क्या वजह है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विकास कार्य ठप्प पड़े हैं। कोरी घोषणाओं और शिलान्यासों से लोगों को गुमराह करने का असफल प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने पूछा कि अब घोषणाएं करने वाले 5 वर्ष तक कहां सोए रहे। जो घोषणाएं हो रही हैं उनके लिए बजट में कोई प्रावधान ही नहीं है। अंतिम समय में ऐसी घोषणाएं फलित होने वाली नहीं हैं। यह केवल दिखावा है और लोग इस प्रकार के दिखावे और छलावे में आने वाले नहीं हैं। 

50 हजार करोड़ के कर्जे के बोझ तले दबा दिया प्रदेश
उन्होंने कहा कि प्रदेश 50 हजार करोड़ के कर्जे के बोझ तले दबा दिया गया है। प्रदेश सरकार के कुप्रबंधन के चलते ऐसी बदतर स्थिति उत्पन्न हुई है। कर्मचारियों को 4 फीसदी डी.ए. की किश्त देने के लिए 800 करोड़ रुपए का कर्जा लिया जा रहा है। प्रदेश का पहले ही आर्थिक रूप से दीवालिया निकल चुका है। चुनावों को नजदीक आते देख धड़ाधड़ कालेज और अस्पताल खोलने की घोषणाएं कर लोगों को गुमराह किया जा रहा है। लोग इस प्रकार के धोखे में आने वाले नहीं हैं। अब कुछ ही दिनों की बात है इस प्रकार की असफल सरकार से राज्य के लोगों को पूरी तरह से निजात मिल जाएगी। 



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