ऊना स्कूल बस हादसा: बस की चपेट में आई थी दो नन्हीं बहनें, एक बच्ची ने तोड़ा दम
punjabkesari.in Tuesday, Mar 10, 2026 - 11:00 AM (IST)
हिमाचल डेस्क। ऊना में निजी स्कूल की बस (टेंपो ट्रैवलर) की लापरवाही ने दो मासूम बहनों की जिंदगी को संकट में डाल दिया, जिसमें से 3 वर्षीय मासूम की सांसें हमेशा के लिए थम गईं।
क्या है पूरा मामला?
सुशील कुमार की दो बेटियां, परीक्षा (3) और आशश्वी (5), रक्कड़ कॉलोनी स्थित अपने निजी स्कूल से पहली बार कक्षाएं (एलकेजी और यूकेजी) लगाकर घर लौट रही थीं। गांव रायंसरी पहुंचने पर जैसे ही दोनों बस से नीचे उतरीं, चालक ने बिना पीछे देखे वाहन को मोड़ दिया। इससे पहले कि छोटी बच्चियां खुद को संभाल पातीं, वे वाहन के भारी टायरों की चपेट में आ गईं।
अस्पताल के रास्ते में टूटी सांसें
हादसे के तुरंत बाद लहूलुहान हालत में दोनों सगी बहनों को ऊना के क्षेत्रीय अस्पताल ले जाया गया। छोटी बेटी परीक्षा की गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे तुरंत पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था; मासूम ने दम तोड़ दिया। बड़ी बहन आशश्वी फिलहाल ऊना अस्पताल में उपचाराधीन है।
ग्रामीणों का आक्रोश और गंभीर आरोप
इस घटना ने स्थानीय प्रशासन और स्कूल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों ने चौंकाने वाले खुलासे करते हुए बताया कि स्कूल बस बच्चों को मुख्य सड़क पर छोड़ देती थी, जहाँ से उन्हें नियमों के विरुद्ध एक निजी टेंपो ट्रैवलर में ठूंसकर गांव तक पहुंचाया जाता था। स्थानीय निवासियों के अनुसार, चालक अक्सर शराब के नशे में वाहन चलाता था और पहले भी कई बार उसकी लापरवाही देखी गई थी। लोगों का गुस्सा इस बात पर भी है कि संबंधित विभाग ने अब तक इन अवैध वाहनों और लापरवाह चालकों पर नकेल क्यों नहीं कसी।
कानूनी कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक सचिन हिरेमठ ने पुष्टि की है कि आरोपी चालक (बलराम सिंह, निवासी घालुवाल) और बस मालिक के विरुद्ध प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है। मामले की गहराई से जांच की जा रही है ताकि भविष्य में बच्चों की सुरक्षा से ऐसा खिलवाड़ दोबारा न हो।

