खराब मौसम के बावजूद शिमला में टूरिस्टों का आना जारी, पर्यटन कारोबार में बढ़ी उम्मीदें
punjabkesari.in Sunday, Jul 05, 2026 - 10:39 AM (IST)
Shimla News : यातायात जाम के बावजूद मानसून के दौरान शिमला में रिमझिम बारिश, धुंध, सुहावना मौसम और बादलों से घिरी पहाड़ियों के आर्कषण से पर्यटकों का आगमन जारी है। पर्यटन उद्योग के अनुसार, इस मौसम में होटल में नियमित बुकिंग जारी है और अभी तक इसे रद्द करने संबंधी कोई बड़े मामले सामने नहीं आए हैं। इस बीच, शिमला स्थित मौसम विज्ञान केंद्र ने शनिवार को छह और सात जुलाई (सोमवार और मंगलवार) को हिमाचल प्रदेश के कुछ जिलों में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका जताते हुए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया।
हिमाचल प्रदेश में वर्ष 2023 के विनाशकारी मानसून के दौरान भूस्खलन, अचानक आई बाढ़, बादल फटने और बारिश से जुड़ी अन्य आपदाओं के कारण सड़क, बिजली और संचार नेटवर्क बुरी तरह प्रभावित हुए थे। इसके बाद से कई पर्यटक पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा को लेकर सतर्क हो गए थे। इस वर्ष हालांकि अब तक शिमला में बारिश से जुड़ी कोई बड़ी आपदा सामने नहीं आई है। भारी बारिश के कारण आई अचानक बाढ़ से जनजातीय जिले किन्नौर, लाहौल-स्पीति और चंबा में कई पुल बह गए हैं तथा सड़क संपर्क बाधित हुआ है। शिमला में यातायात जाम और वाहनों की धीमी आवाजाही से लोगों को असुविधा हो रही है, लेकिन मैदानी इलाकों की भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए पर्यटकों का हिमाचल की राजधानी की ओर आना लगातार जारी है। स्थानीय निवासी प्रीतम चंद ने कहा कि इस बार मानसून की शुरुआत सकारात्मक रही है, लेकिन जब भी सोशल मीडिया पर बारिश से जुड़ी घटनाओं, फंसे वाहनों, मौतों और घायलों की खबरें अधिक आने लगती हैं तो होटल की बुकिंग रद्द होने लगती हैं।
पर्यटन उद्योग से जुड़े लोगों के अनुसार, सप्ताहांत में शिमला के होटलों में कमरों की औसत उपलब्धता 40 से 50 प्रतिशत के बीच है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 10 प्रतिशत से अधिक अधिक है। एक स्थानीय होटल व्यवसायी ने बताया कि वर्ष 2023 और 2025 की मानसूनी आपदाओं से पहले जुलाई के पहले दो सप्ताह के दौरान होटलों में औसत बुकिंग करीब 70 प्रतिशत रहती थी। हालांकि, उन वर्षों में बारिश से जुड़ी आपदाओं के कारण पर्यटकों के मन में आशंकाएं पैदा हो गई थीं, जिससे पर्यटकों की संख्या प्रभावित हुई। 'शिमला होटल्स एंड रेस्टोरेंट्स एसोसिएशन' के उपाध्यक्ष प्रिंस कुकरेजा ने कहा कि अब तक बड़े पैमाने पर कोई बुकिंग रद्द नहीं हुई है और यदि बारिश से जुड़ी कोई बड़ी घटना नहीं होती है तो पर्यटन उद्योग को अच्छे सीजन की उम्मीद है। यात्रा कारोबार से जुड़े विजय कुमार ने कहा कि पहले जहां लोग बारिश के मौसम में हिमाचल प्रदेश की यात्रा करने से बचते थे, वहीं अब बड़ी संख्या में पर्यटक मानसून का आनंद लेने के लिए यहां आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि लगातार बुकिंग मिल रही हैं और पिछले सप्ताह कई होटलों में 80 से 90 प्रतिशत तक बुकिंग दर्ज की गई। उन्होंने कहा कि यदि मौसम अनुकूल बना रहा तो यह सीजन पर्यटन उद्योग के लिए लाभदायक साबित हो सकता है।
इस बीच, शुक्रवार शाम से पिछले 24 घंटों के दौरान शिमला, जुब्बड़हट्टी, सुंदरनगर, कांगड़ा और कुफरी सहित राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हुई। राजगढ़ में सर्वाधिक 90 मिलीमीटर(मिमी) वर्षा दर्ज की गई। इसके बाद कसौली में 55 मिमी, मनाली में 51 मिमी, भटियात में 45.3 मिमी, धर्मपुर में 42.4 मिमी, धर्मशाला में 40.1 मिमी, सराहन में 39.5 मिमी, कोटखाई में 31.1 मिमी, सलूनी में 26.2 मिमी, जुब्बड़हट्टी में 26.6 मिमी, जोत में 21.2 मिमी और मशोबरा में 21 मिमी बारिश दर्ज की गई। राज्य में कुकुमसेरी सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान 11.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, ऊना सबसे गर्म रहा जहां अधिकतम तापमान 35.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

