शिमला में बिजली ट्रांसफार्मर से कॉपर को निकाल ले गए चोर, अंधेरे में डूबा इलाका

punjabkesari.in Monday, Mar 16, 2026 - 06:01 PM (IST)

हिमाचल डेस्क। हिमाचल की राजधानी के शांत ग्रामीण इलाकों में अब 'मेटल चोरों' की सक्रियता बिजली विभाग और पुलिस के लिए सिरदर्द बनने लगी है। ताजा मामला सुन्नी तहसील के तहत आने वाले जलोग क्षेत्र का है, जहाँ शातिरों ने एक भारी-भरकम ट्रांसफार्मर को ही अपना निशाना बना डाला। तांबे (कॉपर) के लालच में चोरों ने बिजली की सप्लाई लाइन को ठप करते हुए सरकारी संपत्ति को भारी नुकसान पहुँचाया है।

क्या है पूरा मामला?

विद्युत उपमंडल जलोग के अंतर्गत आने वाले एलआईएस स्टेज जैशी में स्थापित 100 केवीए क्षमता का एक ट्रांसफार्मर अचानक शोपीस बनकर रह गया। जब विभाग के अधिकारियों ने इसकी जांच की, तो पता चला कि इसके भीतर का सबसे कीमती हिस्सा—कॉपर कोर—गायब है।

बिजली विभाग की ओर से क्यारली विद्युत मंडल में तैनात कनिष्ठ अभियंता धर्मेंद्र कुमार ने इस चोरी की आधिकारिक शिकायत सुन्नी थाना में दर्ज करवाई है। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस चौकी जलोग के मुख्य आरक्षी तिलक राज ने टीम के साथ मौके का मुआयना किया और साक्ष्य जुटाए।

सख्त धाराओं में फंसा 'शिकंजा'

पुलिस ने केवल साधारण चोरी की धाराओं में नहीं, बल्कि कड़े कानूनों के तहत कार्रवाई शुरू की है। 

भारतीय न्याय संहिता (BNS): धारा 303(2) और 305(E) के तहत मामला दर्ज।

सार्वजनिक संपत्ति नुकसान रोकथाम अधिनियम (PDP Act): धारा 3(2)(A) के तहत केस दर्ज किया गया है, जो सरकारी संपत्ति को क्षति पहुँचाने पर लगाया जाता है।

जांच का दायरा

पुलिस अब स्थानीय कबाड़ियों और संदिग्ध आवाजाही करने वाले गिरोहों पर नजर रख रही है। अंदेशा जताया जा रहा है कि इस काम में किसी ऐसे गिरोह का हाथ हो सकता है जिसे ट्रांसफार्मर को खोलने और उसकी बारीकियों की तकनीकी जानकारी हो। पुलिस का कहना है कि आरोपियों को जल्द ही सलाखों के पीछे भेजा जाएगा ताकि भविष्य में बुनियादी ढांचे के साथ ऐसी छेड़छाड़ न हो।


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Content Editor

Jyoti M

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