शिमला कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, परिसर को करवाया खाली
punjabkesari.in Tuesday, Mar 10, 2026 - 05:27 PM (IST)
हिमाचल डेस्क। पहाड़ों की शांति और न्याय के गलियारों में उस वक्त सनसनी फैल गई, जब राजधानी के चक्कर स्थित जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की एक घातक चेतावनी मिली। यह धमकी किसी फोन कॉल से नहीं, बल्कि एक आधिकारिक ईमेल के जरिए भेजी गई थी, जिसने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए।
जब थम गईं अदालत की कार्यवाही
जैसे ही धमकी भरे ईमेल की खबर फैली, पुलिस प्रशासन ने बिना समय गंवाए मोर्चा संभाल लिया। देखते ही देखते कोर्ट परिसर एक छावनी में तब्दील हो गया।
बम निरोधक दस्ते (Bomb Disposal Squad) और डॉग स्क्वॉड ने चप्पे-चप्पे की खाक छानी। मुख्य अदालत भवन से लेकर पार्किंग और आसपास के संवेदनशील कोनों तक को खंगाला गया।
घंटों की कड़ी मशक्कत और बारीकी से की गई जांच के बाद सुरक्षा बलों को कोई भी संदिग्ध वस्तु नहीं मिली, जिसके बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली।
सायबर जाल बिछाने में जुटी पुलिस
पुलिस अब इस 'डिजिटल विलेन' की तलाश में है जिसने सिस्टम को चुनौती दी है। बालूगंज थाना पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर लिया है।
"हम ईमेल के ओरिजिन (Origin) और आईपी एड्रेस की तकनीकी जांच कर रहे हैं। डिजिटल फुटप्रिंट्स के जरिए आरोपी तक पहुंचने की कोशिश जारी है।" — पुलिस सूत्र
क्या यह किसी बड़ी साजिश का हिस्सा है?
हैरानी की बात यह है कि शिमला के न्यायिक परिसरों को निशाना बनाने की यह कोई पहली कोशिश नहीं है। इससे पहले भी हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट को इसी तरह की धमकियां मिल चुकी हैं। शहर के अन्य महत्वपूर्ण सरकारी भवनों को भी ईमेल के जरिए डराने का प्रयास किया गया है।

