बारिश में टपकने लगी टांडा के मेकशिफ्ट अस्पताल की छत

2021-06-11T11:29:04.013

कांगड़ा (कालड़ा) : डाॅ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल काॅलेज एवं अस्पताल टांडा में कोविड रोगियों के उपचार के लिए निर्मित किए गए मेक शिफ्ट अस्पताल के निर्माण की पोल वीरवार की बरसात ने खोल कर रख दी। वीरवार दोपहर बाद हुई मूसलाधार बारिश से इस अस्पताल की छतें टपकने लग पड़ीं। मेकशिफ्ट अस्पताल की छतों से पानी टपकने के चलते वहां पर रखे उपकरणों को भी नुकसान पहुंचने की संभावना बढ़ गई। गौरतलब है कि डाॅ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल काॅलेज एवं अस्पताल टांडा में कांगड़ा सहित ऊना, हमीरपुर, चम्बा, बिलासपुर तथा मंडी के विभिन्न क्षेत्रों से कोरोना मरीजों को उपचार के लिए लाया जा रहा था। टी.एम.सी. में बढ़ते मरीजों के आंकड़े को देखते हुए यहां पर कोविड मेकशिफ्ट अस्पताल बनाने के लिए सरकार ने निर्णय लिया था। अत्याधुनिक व्यवस्थाओं से लैस प्री-फैब्रिकेटिड मेक शिफ्ट अस्पताल में 66 बिस्तरों की व्यवस्था है तथा इसके निर्माण पर 3.44 करोड़ रूपए खर्च किए गए हैं।

टांडा के इस मेक शिफ्ट अस्पताल का निर्माण काउंसिल ऑफ साइंटिफिक एंड इंस्टीच्यूट रिसर्च (सी.एस.आई.आर.) और सेंट्रल बिलिं्डग रिसर्च इंस्टीच्यूट (सी.बी.आर.आई.) द्वारा किया गया है। लेकिन अस्पताल को शुरू होने के 3 माह बाद ही हुई बारिश ने डाॅ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल काॅलेज टांडा में करोड़ों की लागत से बने इस अस्पताल के निर्माण पर अब सवाल खड़े होने लगे हैं। इस बारे में काॅलेज प्राचार्य डाॅ. भानू अवस्थी ने बताया कि कुछ दिन पूर्व ही इस बिलिं्डग में उपचाराधीन कोविड रोगियों को सुपरस्पैशलिएटी विभाग में शिफ्ट कर दिया गया था, क्योंकि इस बिलिं्डग की मरम्मत करनी थी। उन्होंने कहा कि इतनी जल्दी बिलिं्डग खराब होने के बारे में हमने उच्चाधिकारियों व पी.डब्ल्यू.डी. को सूचित कर दिया है, ताकि वे इसका निर्माण करने वाली कंपनी से संपर्क कर सकें।
 


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Writer

prashant sharma

Recommended News

static