हिमाचल सरकार ने राज्य के स्कूलों में प्री-प्राइमरी नर्सरी कक्षाएं शुरू की
punjabkesari.in Thursday, Apr 02, 2026 - 04:03 PM (IST)
हिमाचल डेस्क। हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार ने सूबे के सरकारी स्कूलों की सूरत बदलने और बच्चों की नींव मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश के 6,409 प्राथमिक विद्यालयों में अब आधिकारिक तौर पर 'नर्सरी' यानी प्री-प्राइमरी कक्षाओं का आगाज़ हो गया है। हालांकि, सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के सामने 'योग्य शिक्षकों' का अकाल एक बड़ी चुनौती बनकर खड़ा हो गया है।
विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान इस मुद्दे पर चर्चा करते हुए शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने राज्य की भावी शिक्षा नीति का खाका पेश किया। सरकार ने स्पष्ट किया है कि बच्चों की पढ़ाई में कोई कमी न रहे, इसके लिए बड़े स्तर पर नियुक्तियां की जा रही हैं। सरकार का लक्ष्य 6,409 नर्सरी शिक्षकों (NTT) की भर्ती करना है।
वर्तमान में 6,297 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इन नियुक्तियों का जिम्मा 'हिमाचल प्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम' (HPSEDC) को सौंपा गया है। बच्चों की देखभाल के लिए 'आया' की नियुक्ति भी की जा रही है, जिसमें हमीरपुर, मंडी, ऊना और सिरमौर जैसे जिलों में 334 नियुक्तियां पूरी हो चुकी हैं।
नियमों के मुताबिक, शिक्षक वही बन सकता है जिसके पास 12वीं में कम से कम 50% अंक हों और साथ ही दो साल का डिप्लोमा (D.E.C.Ed.) या B.Ed. (नर्सरी) की डिग्री हो। इन शर्तों के कारण बहुत कम अभ्यर्थी पात्रता पूरी कर पा रहे हैं, जिससे हजारों पद खाली रहने का डर है।
क्योंकि राज्य सरकार इन नियमों में खुद बदलाव नहीं कर सकती, इसलिए अब शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात करेंगे। सरकार चाहती है कि या तो नियमों में ढील दी जाए या फिर ट्रेनिंग के लिए विशेष सहायता मिले।

