BJP ने हिमाचल सरकार की लॉटरी योजना का किया विरोध, फैसला वापस लेने की मांग की
punjabkesari.in Monday, Sep 14, 2026 - 10:14 AM (IST)
Shimla News : हिमाचल प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (BJP) के मुख्य प्रवक्ता और विधायक राकेश जामवाल ने रविवार को राज्य सरकार के लॉटरी को फिर से शुरू करने के प्रस्ताव का विरोध करते हुए फैसले पर पुनर्विचार किए जाने की मांग की। जामवाल ने कहा कि टेंडर जमा करने की शुरुआती समय-सीमा 14 सितंबर तय की गई थी, जिसे अब कम प्रतिस्पर्धा के कारण 28 सितंबर तक बढ़ा दिया गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या समय-सीमा बढ़ाने से प्रस्तावित लॉटरी प्रणाली से जुड़ी चिंताएं दूर होंगी और सरकार से इस फैसले को वापस लेने का आग्रह किया।
जामवाल के अनुसार सरकार लॉटरी को अतिरिक्त राजस्व के स्रोत के तौर पर देख रही है, जिसका सालाना अनुमानित लक्ष्य लगभग 50 करोड़ रुपये और अधिकतम सीमा लगभग 100 करोड़ रुपये हो सकती है। उन्होंने सवाल किया कि क्या इतनी कमाई से होने वाले सामाजिक और आर्थिक नुकसान-खासकर गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए सही ठहराया जा सकता है। उन्होंने टेंडर की शर्तों पर भी सवाल उठाए, जिनमें बोली लगाने वालों के लिए कम से कम 50 करोड़ रुपये की कुल संपत्ति 30 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी या सावधि जमा सुरक्षा और 10 करोड़ रुपये की सालाना लाइसेंस फीस की शर्तें शामिल हैं।
विधायक राकेश जामवाल ने कहा कि प्रस्तावित व्यवस्था में राजस्व साझा करने और देरी होने पर दंडात्मक ब्याज के प्रावधान भी शामिल हैं। जामवाल ने कहा कि राज्य सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्या लॉटरी को फिर से शुरू करने का फैसला लेने से पहले सामाजिक और आर्थिक असर का व्यापक आकलन किया गया था। उनके अनुसार हिमाचल प्रदेश में लॉटरी लगभग 27 वर्षों से बंद थी। उन्होंने तर्क दिया कि लॉटरी से लोगों के कुछ वर्गों में बार-बार टिकट खरीदने की आदत पड़ सकती है और सीमित आय वाले परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता है। जामवाल ने लॉटरी वाली प्रस्तावित योजना को वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि सरकार को इसकी बजाय उत्पादक क्षेत्र को मजबूत करने और राजस्व व रोजगार के लंबे समय तक चलने वाले जरिया बनाने पर ध्यान देना चाहिए।

