नाहन में पत्थरबाजी की घटना: SP बोले- दोषियों के खिलाफ की जाएगी सख्त कार्रवाई
punjabkesari.in Saturday, Oct 24, 2026 - 04:48 PM (IST)
नाहन (सिरमौर) : हिमाचल प्रदेश पुलिस ने शनिवार को बताया कि नाहन में दो समुदायों के बीच हुई हिंसक झड़प में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। इस घटना में कुछ पुलिसकर्मियों समेत 14 लोग घायल हो गए हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह हिंसा दिल्ली गेट की ओर जाने वाली मुख्य सड़क पर वाल्मीकि चौक के पास एक 'स्वागत द्वार' (वेलकम गेट) लगाने को लेकर हुए विवाद के बाद भड़की। गोबिंदगढ़ इलाके के कुछ निवासी यह गेट लगाने की कोशिश कर रहे थे, जिसका वाल्मीकि बस्ती के निवासियों ने विरोध किया।
सिरमौर के पुलिस अधीक्षक (SP) निश्चित सिंह नेगी ने शनिवार को बताया कि दोनों गुटों के बीच बहस शुरू हो गई और देखते ही देखते स्थिति बिगड़ गई। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर ईंटों, पत्थरों और कांच की बोतलों से हमला कर दिया। नेगी ने बताया कि नाहन के स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO) और अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर पहुंचे और दोनों गुटों के बीच सुलह कराने की कोशिश की। उन्होंने कहा, "हालांकि, दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर ईंटें, पत्थर और कांच की बोतलें फेंकनी शुरू कर दीं। बीच-बचाव के दौरान, उग्र भीड़ ने पुलिसकर्मियों पर भी हमला कर दिया, जिससे कुछ अधिकारी घायल हो गए।" एसपी ने आगे बताया कि हिंसक भीड़ ने मौके पर मौजूद कई सरकारी और निजी वाहनों को भी नुकसान पहुंचाया।
नेगी के अनुसार, जब नाहन के तहसीलदार दोनों पक्षों के बीच समझौता कराने के लिए वहां पहुंचे, तो भीड़ ने उनकी सरकारी गाड़ी को रोक लिया और उस पर पत्थरों और डंडों से हमला कर उसे क्षतिग्रस्त कर दिया। इस घटना में नाहन सदर पुलिस स्टेशन के SHO कुलबीर सिंह और दो अन्य पुलिसकर्मियों समेत कुल 14 लोग घायल हो गए। घायलों को इलाज के लिए नाहन मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, फिलहाल वे खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं।
इस घटना के कारण नेशनल हाईवे (90-7A) पर यातायात भी बाधित हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वहां करीब तीन घंटे तक जाम लगा रहा और वाहनों की कतार लगभग पांच किलोमीटर लंबी हो गई थी। एसपी ने बताया कि पुलिस ने स्थिति को काबू में कर लिया है और इलाके में अतिरिक्त बल तैनात कर दिए गए हैं। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार गश्त की जा रही है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 191(2), 191(3), 190, 132, 121(1) और 324(4) तथा 'सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान से बचाव अधिनियम' की धारा 3 के तहत मामला दर्ज किया है।

