हिमाचल में कुदरत का कोहराम: ग्लेशियर की चपेट में आईं दुकानें और गाड़ियां, अंधेरे में डूबे कुछ गांव
punjabkesari.in Thursday, Jan 29, 2026 - 02:02 PM (IST)
हिमाचल डेस्क। हिमाचल प्रदेश में कुदरत ने अपने सफेद लिबास के साथ ऐसा रौद्र रूप दिखाया है कि जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। जहां एक ओर बर्फबारी ने वादियों को खूबसूरत बनाया, वहीं दूसरी ओर 'पहाड़ों के खिसकने' (ग्लेशियर) और बर्फीले तूफानों ने देवभूमि में दहशत पैदा कर दी है।
ग्लेशियरों की चपेट में चंबा: तबाही का मंजर
चंबा जिला इस समय आसमानी आफत का मुख्य केंद्र बना हुआ है। भरमौर के पूलन क्षेत्र में स्थित ओट नाला में अचानक आए एक विशाल हिमस्खलन ने भारी तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा की जद में आकर तीन व्यावसायिक दुकानें जमींदोज हो गई हैं, जबकि वहां खड़ी दो पिकअप गाड़ियां मलबे में दबकर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। गनीमत यह रही कि जान-माल का अधिक नुकसान नहीं हुआ, लेकिन स्थानीय ग्रामीणों में इस घटना के बाद से भारी डर व्याप्त है। इसके अतिरिक्त, पांगी घाटी के सुखाई नाला में भी ग्लेशियर गिरने की खबर है, हालांकि वहां किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं मिली है।
बर्फीले तूफान और रिकॉर्ड हिमपात
जनजातीय क्षेत्र स्पीति में बीती रात कुदरत का अलग ही मिजाज देखने को मिला, जहां तेज बर्फीले तूफान (स्नोस्टॉर्म) ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं। मैदानी जिलों (ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर) को छोड़कर प्रदेश के शेष 9 जिलों में जमकर बर्फबारी हुई है।
मनाली और भरमौर: इन दोनों ही प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों पर करीब 18 इंच (डेढ़ फुट) नई बर्फ की परत चढ़ चुकी है।
ऊंचाई वाले क्षेत्र: लाहौल-स्पीति, कुल्लू और चंबा के दुर्गम इलाकों में रिकॉर्ड तोड़ हिमपात दर्ज किया गया है।
ठप हुई व्यवस्था: अंधेरे में सैंकड़ों गांव
लगातार हो रही इस बर्फबारी ने राज्य के बुनियादी ढांचे को झकझोर कर रख दिया है। वर्तमान स्थिति कुछ इस प्रकार है:
सड़कें- लगभग 500 मुख्य और संपर्क मार्ग आवाजाही के लिए पूरी तरह बंद हैं।
बिजली आपूर्ति- 3,200 से अधिक ट्रांसफार्मर खराब होने से विद्युत सेवा ठप है।
गंभीर संकट- करीब 1,500 ट्रांसफार्मर पिछले 6 दिनों से बंद पड़े हैं, जिससे ग्रामीण अंधेरे में रहने को मजबूर हैं।
राहत की किरण
कई दिनों के खराब मौसम के बाद आज खिली सुनहरी धूप ने प्रशासन और स्थानीय लोगों को थोड़ी राहत दी है। मौसम साफ होते ही लोक निर्माण विभाग ने युद्ध स्तर पर सड़कों से बर्फ हटाने का अभियान शुरू कर दिया है ताकि फंसे हुए लोगों और आवश्यक सेवाओं को बहाल किया जा सके।

