कांग्रेस में बढ़ी तल्खी : नोटिस मिलने के कुछ घंटे बाद नीरज भारती ने उपाध्यक्ष पद से दिया इस्तीफा
punjabkesari.in Thursday, Jun 04, 2026 - 10:48 PM (IST)
शिमला (राक्टा): हिमाचल प्रदेश कांग्रेस में लंबे समय से चल रही अंदरूनी नाराजगी वीरवार को खुलकर सामने आ गई। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष नीरज भारती ने अपने पद से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपना त्यागपत्र प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार और जिला कांग्रेस कमेटी कांगड़ा के अध्यक्ष अनुराग शर्मा को भेजा है। खास बात यह है कि यह इस्तीफा उन्हें पार्टी की ओर से जारी कारण बताओ नोटिस के बाद सामने आया है। अपने त्यागपत्र में नीरज भारती ने साफ शब्दों में कहा है कि यह फैसला उनके लिए आसान नहीं था, क्योंकि उन्होंने हमेशा कांग्रेस पार्टी के एक समर्पित और निष्ठावान कार्यकर्त्ता के रूप में संगठन को मजबूत करने के लिए काम किया है। उन्होंने लिखा कि हजारों कांग्रेस कार्यकर्त्ताओं के साथ मिलकर उन्होंने भाजपा के खिलाफ मजबूती से संघर्ष किया और कांग्रेस को सत्ता में वापस लाने के लिए दिन-रात मेहनत की।
उन्होंने अपने इस्तीफे से जुड़ी पोस्ट सोशल मीडिया पर डाली है। भारती ने वर्तमान कांग्रेस सरकार की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने लिखा है मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार के पिछले साढ़े 3 वर्षों के कार्यकाल में उन कार्यकर्त्ताओं की उम्मीदों को झटका लगा है, जिन्होंने कठिन दौर में पार्टी का साथ दिया था। उनके अनुसार सरकार बनने के बाद मेहनती, संघर्षशील और समर्पित कांग्रेस कार्यकर्त्ताओं को अपेक्षित सम्मान और महत्व नहीं मिला। त्यागपत्र में उन्होंने कहा कि आज बड़ी संख्या में जमीनी स्तर के निष्ठावान और हार्डकोर कांग्रेस कार्यकर्त्ता स्वयं को उपेक्षित, अनसुना और हाशिए पर महसूस कर रहे हैं।
सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर मिला था कारण बताओ नोटिस
नीरज भारती के इस्तीफे से पहले जिला कांग्रेस कमेटी कांगड़ा के अध्यक्ष अनुराग शर्मा ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया था। नोटिस में कहा गया था कि भारती पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया पर ऐसी पोस्ट, टिप्पणियां और बयान दे रहे हैं जो कांग्रेस सरकार, प्रदेश कांग्रेस कमेटी की नीतियों और संगठनात्मक हितों के खिलाफ माने जा रहे हैं। नोटिस में यह भी कहा गया कि यदि उन्हें सरकार या संगठन के किसी निर्णय पर आपत्ति थी तो उसे पार्टी के अधिकृत मंचों पर उठाया जाना चाहिए था।
भाड़ में गया ऐसा अनुशासन
नीरज भारती ने पोस्ट डाली है कि जहां अपने समर्पित कार्यकर्त्ताओं की ही बात न सुनी जाए, उनकी मेहन, संघर्ष और भावनाओं की कोई कद्र न हो, भाड़ में जाए ऐसा अनुशासन।
वीरभद्र सिंह जनहित के मुद्दों को गंभीरता से लेते थे : नीरज भारती
पूर्व विधायक नीरज भारती ने सोशल मीडिया पर स्वर्गीय पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के कार्यकाल को याद करते हुए कहा कि राजा साहब जनहित के कार्यों को गंभीरता से लेते थे और जनप्रतिनिधियों की बात सुनकर जनता के काम प्राथमिकता से करवाते थे। उन्होंने दावा किया कि आज स्थिति बदल गई है और आम लोग, कार्यकर्त्ता तथा नेता अपने कामों के लिए लगातार चक्कर काटने को मजबूर हैं। भारती ने वर्तमान व्यवस्था पर निशाना साधते हुए कहा कि काम कम और बहाने ज्यादा देखने को मिल रहे हैं, जिससे लोगों में निराशा बढ़ रही है।

