Shimla: एचपीयू में कर्मचारियों के 600 पद खाली, 6 वर्ष बाद भी भर्ती प्रक्रिया नहीं हुई शुरू

punjabkesari.in Saturday, Sep 05, 2026 - 10:45 PM (IST)

शिमला (अभिषेक): हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) में वर्षों बाद भी कर्मचारियों के खाली पड़े पदों को भरने की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी है। वर्ष 2020 से खाली पदों को भरने की प्रक्रिया के आगे बढ़ने का इंतजार किया जा रहा है, लेकिन अभी तक पदों को भरा नहीं जा सका है। स्थिति यह है कि हर माह कर्मचारियों के सेवानिवृत्त होने से खाली पदों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है और अब यह आंकड़ा 600 तक पहुंच गया है। हर माह 3 से 4 कर्मचारियों की औसतन सेवानिवृत्त होने से स्थिति गंभीर होती जा रही है। इस बीच अब विश्वविद्यालय के कर्मचारी नेताओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन से पुन: रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का मामला उठाया है।

यहां बता दें कि विश्वविद्यालय ने वर्ष 2020 में 274 पदों को विज्ञापित किया था। इसके बाद आवेदन आने के बाद भी भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए अभी तक लिखित परीक्षा तक आयोजित नहीं हुई। जून 2020 के बाद सितम्बर 2021 और जनवरी 2022 में इन पदों को विज्ञापित किया जाता रहा, लेकिन भर्ती प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी। कर्मचारियों के अलावा छात्र संगठन भी लगातार विश्वविद्यालय प्रशासन व प्रदेश सरकार से भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाने की मांग उठा रहे हैं। हालांकि इस बीच यह तय हुआ कि विश्वविद्यालय की वित्तीय स्थिति को देखते हुए विभिन्न विभागों व शाखाओं में जरूरत अनुसार पद भरा जाएगा और 144 पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू करने का प्रस्ताव तैयार कर भेजा गया था। इसके बाद भी भर्ती प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी। इसके बाद बीते जून माह में कार्यकारी परिषद (ई.सी.) ने 75 पदों को भरने की मंजूरी प्रदान की गई, लेकिन करीब 2 माह बीत जाने पर भी इन पदों को विज्ञापित नहीं किया गया है।

वित्त समिति में जाएगा मामला
विश्वविद्यालय की ईसी से कर्मचारियों के 75 रिक्त पदों को भरने की मंजूरी मिलने के बाद अब यह मामला वित्त समिति में जाएगा। वित्त समिति से मंजूरी मिलने के बाद ही अब इन पदों को विज्ञापित किया जाएगा।

वर्ष 2020 व 2021 में आवेदन फीस के तौर पर एचपीयू के पास एकत्रित हुए हैं उम्मीदवारों के करीब साढ़े 4 करोड़ रुपए
वर्ष 2020 व 2021 में विज्ञापित किए गए कर्मचारियों के 274 पदों के लिए कई उम्मीदवारों ने आवेदन किया है और वे अब भी लिखित परीक्षा का इंतजार कर रहे हैं। इसके अलावा विश्वविद्यालय में कार्यरत कर्मचारी भी भर्ती प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। पूर्व में एसएफआई की ओर से डाली गई आरटीआई से मिली जानकारी के अनुसार आवेदन फीस के तौर पर एचपीयू के पास उम्मीदवारों के करीब साढ़े 4 करोड़ रुपए एकत्रित हुए हैं, लेकिन अभी तक लिखित परीक्षा आयोजित नहीं हुई। उम्मीदवारों से 1200 रुपए से लेकर 2 हजार रुपए तक की फीस ली गई है।

भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई : सुरेश
सदस्य ईसी हिप्र विश्वविद्यालय सुरेश वर्मा का कहना है कि विश्वविद्यालय में गैर शिक्षक कर्मचारियों के करीब 600 पद लंबे समय से रिक्त चल रहे हैं। इससे विश्वविद्यालय गंभीर स्टाफ की कमी से जूझ रहा है। बीते 27 जून को ईसी की बैठक में कर्मचारियों के 75 पद भरने को मंजूरी प्रदान की थी लेकिन अभी तक भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई है।

निर्णय की तत्काल अनुपालना की जाए सुनिश्चित : राजेश
सदस्य यूनिवर्सिटी कोर्ट हिप्र विश्वविद्यालय राजेश ठाकुर का कहना है कि  ईसी द्वारा गैर शिक्षक कर्मचारियों के 75 पद भरने को लिए गए निर्णय की तत्काल अनुपालना सुनिश्चित की जाए।

रिक्त पदों को जल्द भरने की मांग को लेकर सौंपा है ज्ञापन : चेत राम
अध्यक्ष चतुर्थ श्रेणी व तकनीकी कर्मचारी संघ चेत राम बंसल का कहना है कि गैर शिक्षक कर्मचारियों के रिक्त पदों को जल्द भरने की मांग की है। इसको लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन को ज्ञापन भी सौंपा है।


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Content Writer

Kuldeep

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