हिमाचल की प्राकृतिक आपदा पर प्रधानमंत्री व गृह मंत्रालय की पूरी नजर : भाजपा
punjabkesari.in Saturday, Aug 30, 2025 - 09:46 PM (IST)

शिमला (कुलदीप): हिमाचल प्रदेश की प्राकृतिक आपदा पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की पूरी नजर है। केंद्र सरकार से वर्ष, 2023 से लेकर अब तक आपदा से निपटने के लिए 5,150 करोड़ रुपए मिल चुके हैं और भविष्य में भी यह मदद राज्य सरकार की दस्तावेजी कार्रवाई के आधार पर शीघ्र मिलेगी। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डा. राजीव बिंदल, पूर्व केंद्रीय मंत्री व सांसद अनुराग सिंह ठाकुर सहित अन्य भाजपा सांसदों ने विशेष बातचीत के दौरान यह दावा किया है। भाजपा नेताओं का यह भी आरोप है कि प्राकृतिक आपदा को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने का प्रावधान पूर्व यू.पी.ए. सरकार ने समाप्त किया था। इसके विपरीत हिमाचल प्रदेश को विशेष श्रेणी का दर्जा भी केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने दिया है।
एफसीए क्लीयरैंस राज्य सरकार की दस्तावेजी कार्रवाई व पैरवी पर निर्भर : जयराम
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि भाजपा नेता एवं सांसदों ने केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा के नेतृत्व में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात करके हिमाचल प्रदेश में आई प्राकृतिक आपदा के विषय को उठाया। इस दौरान अपनी जमीन खो चुके लोगों को फोरैस्ट कंजर्वेशन एक्ट 1980 में राहत देने की अपील की गई, जिसमें केंद्र सरकार ने पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया। एफ.सी.ए. मामलों में केंद्र सरकार की तरफ से किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जाता और यह प्रक्रिया राज्य सरकार की दस्तावेजी कार्रवाई और पैरवी पर निर्भर करता है। एफ.सी.ए. क्लीयरैंस मिलने में देरी के लिए सिर्फ राज्य सरकार ही जिम्मेदार है। वर्तमान केंद्र सरकार ने यू.पी.ए. सरकार के मुकाबले 5 गुणा अधिक मदद उपलब्ध करवाने के अलावा हिमाचल प्रदेश को विशेष श्रेणी राज्य का दर्जा बहाल किया है। वर्ष, 2023 से अब तक केंद्र हिमाचल को आपदा राहत के लिए विभिन्न मदों में 5,150 करोड़ रुपए से अधिक की धनराशि दे चुका है। केंद्रीय टीम नुक्सान का आकलन कर रही है, जिसके बाद केंद्र सरकार की तरफ से आपदा राहत राशि देने का प्रावधान है। वर्ष, 2023 की आपदा के लिए राज्य सरकार की तरफ से 4,500 करोड़ रुपए के विशेष राहत पैकेज में से अब तक मात्र 307 करोड़ रुपए ही आपदा प्रभावितों को दिए गए हैं। राज्य सरकार इस मामले में केवल राजनीति कर रही है।
आपदा से निपटने के लिए 3 वर्ष में 3578.63 करोड़ मिले : बिंदल
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डा. राजीव बिंदल ने कहा कि गत 3 वर्ष से 31 जुलाई, 2025 तक प्रदेश सरकार को आपदा के तहत विभिन्न मदों में 3578.63 करोड़ रुपए प्राप्त हुए हैं। प्रदेश सरकार को राज्य आपदा मोचन निधि के अंतर्गत 1280.40 करोड़ रुपए केंद्र सरकार की 90 फीसदी राशि के रूप में प्राप्त हुए हैं। राज्य आपदा शमन निधि के अंतर्गत गत 3 वर्ष में केंद्र सरकार से 319.95 करोड़ रुपए प्राप्त हुए हैं। इस वर्ष 2006 करोड़ रुपए आपदा प्रबंधन के आए हैं। वन भूमि को छोड़कर प्रदेश सरकार के पास काफी भूमि है, जिसका उपयोग इन घरों के लिए कर सकते हैं। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के लिए ही 2700 करोड़ रुपए से अधिक की धनराशि प्राप्त हुई है। इसके अतिरिक्त नैशनल हाईवे के लिए एक लाख करोड़ रुपए का बजट है, जिससे हिमाचल के हाईवे के रखरखाव होंगे। केंद्र सरकार ने उत्तराखंड की तरह ही प्रदेश सरकार की मदद की है।
यूपीए-2 सरकार ने समाप्त किया राष्ट्रीय आपदा घोषित करने का प्रावधान : अनुराग सिंह
पूर्व केंद्रीय मंत्री व सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा कि यूपीए-2 सरकार के समय राष्ट्रीय आपदा घोषित करने के प्रावधान को समाप्त किया गया। यूपीए-2 की सरकार ने अगस्त, 2013 में तत्कालीन केंद्रीय गृह राज्य मंत्री मुल्लापल्ली रामचंद्रन ने संसद में एक प्रश्न के उत्तर में यह जानकारी दी थी। हिमाचल प्रदेश सरकार की राष्ट्रीय आपदा घोषित किए जाने की मांग मात्र दिखावा व घड़ियाली आंसू बहाने जैसा है। पिछले 11 वर्ष में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हिमाचल के हर सुख-दुख में साथ खड़े रहे हैं, लेकिन कांग्रेस पार्टी ने आपदा के समय भी राजनीति की। प्राकृतिक आपदा से हुए नुक्सान की भरपाई में कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार की तुलना में एसडीआरएफ में 3 गुणा तो एनडीआरएफ में 5 गुणा से ज्यादा की आर्थिक मदद की गई। केंद्र सरकार से 11 वर्षों में एसडीआरएफ फंड में कांग्रेस सरकार के 10 वर्षों में 947.408 करोड़ रुपए की तुलना में 3190.39 करोड़ रुपए मिले। केंद्र सरकार ने एनडीआरएफ फंड में कांग्रेस सरकार के 10 वर्षों में 553.285 करोड़ रुपए की तुलना में 2,684.879 करोड़ रुपए दिए।
वर्ष, 2023 में आपदा के समय केंद्र सरकार ने लगभग 3146 करोड़ रुपए दिए थे। वर्ष, 2023 में आपदा के समय 16,206 हजार मकान (नवम्बर, 2023) व 93 हजार नए मकान (9 सितम्बर, 2024) तक दिए। इसके अलावा इस वर्ष 2006 करोड़ रुपए केंद्र सरकार ने एनडीआरएफ के अंतर्गत हिमाचल के लिए मंजूर किए। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के निर्देश पर केंद्र सरकार ने एक बहु-क्षेत्रीय केंद्रीय टीम गठित की है। इस टीम में एनडीएमए, सीबीआरआई (रुड़की), आईआईटीएम (पुणे), एक भूविज्ञानी तथा आईआईटी इंदौर के विशेषज्ञ शामिल हैं, जो संवेदनशीलता का आकलन करेंगे और दीर्घकालिक शमन एवं लचीलापन रणनीतियों के निर्माण में मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।
एफसीए को लेकर पूरे देश में एक कानून : हर्ष महाजन
सांसद हर्ष महाजन ने कहा कि एफसीए को लेकर पूरे देश में एक कानून है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में राजस्व एवं अन्य विभागों के पास भी बहुत जमीने हैं, जिन्हें आपदा प्रभावितों को प्रदान किया जा सकता है। विशेष पैकेज किसी भी राज्य को नहीं मिलता है, सिर्फ राज्य सरकार की तरफ से जितने प्रभावी तरीके से दस्तावेजी प्रमाण व पैरवी की जाती है और केंद्रीय टीम की तरफ से किए गए आकलन के आधार पर मदद की जाती है। उत्तराखंड में कोई विशेष पैकेज नहीं दिया गया। विशेष पैकेज उस समय मिलता है, जब राज्य की 70 फीसदी आबादी प्रभावित होती है। आपदा के 10 दिन के अंदर टीम दौरा करके चली गई है।
राज्य को करनी होगी एफसीए मामले की पैरवी : इंदु
सांसद इंदु गोस्वामी ने कहा कि एफसीए मामलों की पैरवी राज्य सरकार को प्रभावी तरीके से करनी होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार सही तरीके से प्रदेश के मामलों की पैरवी नहीं कर रही है। पूरे देश में विशेष पैकेज देने और एफसीए मामले देने के लिए एक नियम है, ऐसे में पिक एंड चूज का सवाल ही पैदा नहीं होता।
हिमाचल को उत्तराखंड से अलग नहीं आंका : राजीव
सांसद डा. राजीव भारद्वाज ने कहा कि केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश को उत्तराखंड से अलग नहीं आंका है। केंद्र सरकार से अब तक जो मदद मिली है, वह इस बात का प्रमाण है। हिमाचल प्रदेश में प्राकृतिक आपदा पर शोध करने की व्यवस्था की गई है। इसी तरह एफसीए मामलों का निपटारा भी नियमों की परिधि में होगा।
4500 करोड़ के पैकेज से 300 करोड़ खर्च किए : कश्यप
सांसद सुरेश कश्यप ने कहा कि प्रदेश सरकार की तरफ से वर्ष, 2023 में दिए गए 4500 करोड़ रुपए के पैकेज में से महज 300 करोड़ रुपए खर्च किए गए। जब राज्य सरकार अपने दिए गए पैकेज को ही खर्च नहीं करती, तो उसे केंद्र सरकार पर सवाल उठाने का कोई अधिकार नहीं है। आपदा को लेकर विधानसभा में जो प्रस्ताव आया है, उसका भाजपा ने हमेशा समर्थन किया है। हिमाचल प्रदेश के हितों के साथ भाजपा हमेशा खड़ी है। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश को कभी भी अलग नजर से केंद्र सरकार ने नहीं देखा है। कोई भी पैकेज राज्य सरकार की डॉक्यूमैंटेशन पर निर्भर करता है।
हिमाचल के सांसदों ने केंद्र सरकार व संसद में उठाया मामला : सिकंदर
सांसद डा. सिकंदर कुमार ने कहा कि प्रदेश सरकार को हिमाचल प्रदेश के सांसदों का धन्यवादी होना चाहिए, क्योंकि उन्होंने प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री के अलावा संसद में चर्चा एवं प्रश्न के माध्यम से मामले को उठाया है। सांसद भविष्य में भी हिमाचल प्रदेश के मामलों की पैरवी करेंगे, भले ही राज्य सरकार ऐसा करे या न करे। उन्होंने कहा कि हाल ही में 2006 करोड़ रुपए के पैकेज में से पहली किस्त 465 करोड़ रुपए की मिल चुकी है। सरकार के आगे बढ़ने पर दूसरी और तीसरी किस्त भी जल्द मिलेगी।