Shimla: सरकार की बगैर पंखों की ऊंची उड़ान, न उसमें हिम्मत है और न ही हौसला: परमार

punjabkesari.in Saturday, Mar 28, 2026 - 10:01 PM (IST)

शिमला (राक्टा): विधायक विपिन सिंह परमार ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण पर लाए गए कटौती प्रस्ताव पर जारी चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि बजट में घोषणाएं भविष्य का विजन कुछ भी लिखा हो परंतु उन योजनाओं के लिए राशि कहां से आएगी, इस बात का उल्लेख न हो तो बजट बेकार है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 5.83 प्रतिशत बजट रखा है कुल मिलाकर यह 2800 करोड़ रुपए के करीब बनता है। ऐसे में यह कहना चाहूंगा कि सरकार की ऊंची उड़ान परंतु इस ऊंची उड़ान के पंखों में दम नजर नहीं आता है और यह बगैर पंखों के है, न उसमें हिम्मत है और नहीं हौसला है।

उन्होंने कहा कि यदि बजट एलोकेशन की बात करते हैं तो मैं पूछना चाहूंगा कि क्या एक रोबोटिक मशीन के माध्यम से पूरा समाज बदल जाएगा। क्या पैट स्कैन मशीन स्थापित करने से हिमाचल प्रदेश के लोगों को पूर्ण राहत मिल जाएगी। बजट प्रावधान में अस्पताल को जो डिवैल्पमैंट इंफ्रास्ट्रक्चर है, वह शून्य हो गया है। यहां डाक्टर्ज की कमी है और ईको टैस्ट के लिए टैक्नीशियन की नहीं है। टांडा मैडीकल कॉलेज में स्टाफ की कमी है। थुरल और भवारना में सी.टी. स्कैन मशीन बेकार पड़ी हुई है। मेरे विधानसभा क्षेत्र में न रेडियोग्राफर है और न ही रेडियोलॉजिस्ट है।

टांडा मैडीकल कॉलेज में 90 प्रतिशत सर्जरी एक जैसी ही उपकरण से होती है, रिप्लेस करने के लिए प्रशासन ने प्रतिवेदन भेजा लेकिन कुछ नहीं हो रहा। उन्होंने कहा कि हिमकेयर योजना के ऊपर चोट पहुंचाई जा रही है, योजना के साथ पूर्व सरकार को भी बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। यदि भ्रष्टाचार हुआ है तो जड़ तक जाना चाहिए और जिन्होंने भ्रष्टाचार किया है, उनके नाम सामने आने चाहिए। उन्होंने पूछा कि जो लगभग 1400 दवाइयों के सैंपल फेल हुए, उनके खिलाफ क्या कार्रवाई हुई। उन्होंने कहा कि आप रोबोट लगाइए, किसने मना किया लेकिन अगर ई-टैंडरिंग हुई तो उसमें कितनी कंपनियों ने भाग लिया। विधायक त्रिलोक जम्वाल, पूर्ण चंद ठाकुर व हंसराज ने भी चर्चा में भाग लिया।

ऑप्रेशन थिएटर वर्किंग कंडीशन में नहीं : सुखराम
विधायक सुखराम चौधरी ने कहा कि सिविल अस्पताल पांवटा साहिब में ऑप्रेशन थिएटर वर्किंग कंडीशन में नहीं है। जब किस दुर्घटना के कारण जख्मी मरीज को अस्पताल में लाया जाता है तो उसको रैफर कर दिया जाता है। पांवटा का ऑक्सीजन प्लाट खराब पड़ा है और उसकी मुरम्मत नहीं हो रही है। 15 स्टाफ नर्स के पद खाली पड़े हैं।

कोई जिम्मेदार है तो वह वर्तमान सरकार : विनोद
विधायक विनोद कुमार ने कहा कि बार-बार यह बात मुख्यमंत्री की ओर से की जाती है कि मुख्यमंत्री रहने के बावजूद नेरचौक मैडीकल कॉलेज में एम.आर.आई. की मशीन नहीं लगा पाए लेकिन जिस एमआरआई.का जिक्र यहां से अनेक बार हुआ है, उसके लिए पैसा का प्रोविजन जयराम ठाकुर ने किया था। 17 अप्रैल 2020 को टैंडर हुआ लेकिन किन्हीं कारणों से वह रद्द हो गया। उसके बाद 2021 में फिर टैंडर हुआ और कंप्लीट हो गया, लेकिन सरकार बदलने के बाद उस टैंडर काे रद्द कर दिया गया है। यदि उसे रद्द नहीं किया गया होता तो मैडीकल कॉलेज में लोगों को यह सुविधा मिल गई होती। ऐसे में यदि इसके लिए कोई जिम्मेदार है तो वह वर्तमान सरकार है। उन्होंने कहा कि मैडीकल कॉलेज में एम.एस. लगा दिया है तो उसको शक्तियां भी दी जाएं।

 


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Kuldeep

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