मुख्यमंत्री के समक्ष उठाया पुलिस जवानों के संशोधित वेतनमान का मसला

punjabkesari.in Monday, Jan 17, 2022 - 10:23 PM (IST)

शिमला (राक्टा): पुलिस जवानों के संशोधित वेतनमान का मसला सोमवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के दरबार में उठा। हिमाचल प्रदेश पुलिस वैल्फेयर एसोसिएशन के एक प्रतिनिधिमंडल ने शिमला में यह मसला मुख्यमंत्री के समक्ष उठाया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने एसोसिएशन के कैलेंडर 2022 का भी विमोचन किया। प्रतिनिधिमंडल की अध्यक्षता एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष रमेश चौहान ने की। उन्होंने अनौपचारिक बातचीत में बताया कि पुलिस जवानों से जुड़ी मुख्य मांगों को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा गया और अवगत करवाया कि संबंधित मांगों पर पहले भी जे.सी.सी. की बैठक में चर्चा हो चुकी है। रमेश चौहान ने बताया कि मुख्यमंत्री के समक्ष 2015 के बाद भर्ती हुए जवानों के वेतनमान का मसला, 2012 से पुराने स्केल में मिल रहे अतिरिक्त वेतन का मसला और जेल पुलिस के कर्मचारियों को भी सैंट्रल पुलिस कैंटीन हिमाचल से सामान लेने की छूट देने का मामला उठाया गया है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि पुलिस वेतनमान के मसले पर उचित कदम उठाए जा रहे हैं। इसके साथ ही पुराने स्केल के आधार पर मिल रहे अतिरिक्त वेतन का मामला आगामी बजट में रखने का प्रस्ताव है। इसी तरह जेल पुलिस कर्मचारियों के लिए भी सैंट्रल पुलिस कैंटीन हिमाचल का कार्ड बनाए जाने का आश्वासन दिया।

डी.जी.पी. संजय कुंडू से भी की मुलाकात
पुलिस एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को प्रदेश पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू के साथ ही अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक सी.आई.डी. एवं जेल तथा अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक होमगार्ड एवं विजीलैंस से भी मुलाकात की। रमेश चौहान ने बताया कि इस दौरान अतिरिक्त वेतन, नीली कैप, 3 प्रमोशन तथा 8 घंटे ड्यूटी और सप्ताह में एक अवकाश जैसे मसलों पर भी चर्चा की गई।

मैस में खाना नहीं खा रहे जवान
अपनी मुख्य मांग को पूरा न होते देख 2015 के बाद भर्ती हुए जवानों ने कुछ बटालियनों व जिलों की पुलिस मैस में खाना बंद कर दिया है। इसके साथ ही उनके द्वारा मुख्यमंत्री के नाम खुले पत्र जारी कर मांग पूरी किए जाने की गुहार लगाई जा रही है। गौर हो कि करीब 2 माह पूर्व बड़ी संख्या में जवान शिमला में अपनी मांग को लेकर मुख्यमंत्री के सरकारी आवास ओकओवर भी पहुंचे थे। ऐेसे में अब देखना होगा कि सरकार आगामी दिनों में क्या निर्णय लेती है।  

 


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Kuldeep

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