मंत्रिमंडल: हिमाचल में महंगी होगी शराब, नई आबकारी नीति व टोल टैक्स वैरियर नीति को मंजूरी

punjabkesari.in Thursday, Feb 12, 2026 - 10:07 PM (IST)

शिमला (कुलदीप): मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में प्रदेश सचिवालय में आयोजित मंत्रिमंडल बैठक में आबकारी नीति 2026-27 और टोल टैक्स बैरियर नीति 2026-27 को स्वीकृति प्रदान की गई। जानकारी के अनुसार नई आबकारी नीति से प्रदेश में शराब महंगी होगी तथा इससे वित्तीय वर्ष के दौरान 3,000 करोड़ रुपए से अधिक राजस्व जुटाए जाने की संभावना है। इसी तरह टोल टैक्स वैरियर से 180 करोड़ रुपए राजस्व की संभावना है। ई-ऑक्शन से शराब के ठेकों की नीलामी होगी। कुल मिलाकर नई नीति के तहत 20 फीसदी अधिक राजस्व जुटाए जाने की संभावना है।

लॉटरी शुरू करने के विकल्प को तलाशेगी मंत्रिमंडलीय उपसमिति
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह की अध्यक्षता में मंत्रिमंडलीय उप-समिति के गठन को मंजूरी दी गई। यह हिमाचल प्रदेश राज्य लॉटरी (विनियमन) नियम, 2026 का प्रारूप तैयार करेगी। नगर नियोजन, आवास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी कमेटी के सदस्य होंगे। निदेशक, कोषागार एवं लेखा इस समिति के सदस्य सचिव होंगे।

अस्पतालों के आधुनिकीकरण को 1,617.40 करोड़ की परियोजना को मंजूरी
मंत्रिमंडल ने चिकित्सा महाविद्यालयों, सुपर-स्पैशियलिटी अस्पतालों एवं आदर्श स्वास्थ्य संस्थानों के आधुनिकीकरण के लिए 1,617.40 करोड़ रुपए की परियोजना को मंजूरी दी। इस परियोजना का उद्देश्य राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ करना तथा सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध करवाना है, ताकि मरीजों को उपचार के लिए राज्य के बाहर जाने की आवश्यकता न पड़े।

इसके अतिरिक्त मंत्रिमंडल ने कमला नेहरू अस्पताल, शिमला के मातृ एवं शिशु अस्पताल, सुंदरनगर एवं नूरपुर के नागरिक अस्पतालों, क्षेत्रीय अस्पताल ऊना, नागरिक अस्पताल भोरंज के 50 बिस्तर क्षमता के क्रिटिकल केयर ब्लॉक तथा क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर स्थित जिला एकीकृत जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला के लिए आधुनिक उपकरणों की खरीद को मंजूरी दी। मंत्रिमंडल ने डा. वाईएस परमार राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, नाहन में इम्यूनोहेमेटोलॉजी एवं ब्लड ट्रांसफ्यूजन विभाग की स्थापना तथा आवश्यक पदों का सृजन कर भरने की स्वीकृति दी।

राज्य के सभी सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थानों में बायोमैडीकल उपकरण प्रबंधन एवं अनुरक्षण कार्यक्रम लागू करने को भी मंजूरी दी गई, जिससे चिकित्सा उपकरणों का नियमित रख-रखाव, रोगी सुरक्षा में वृद्धि, उपकरणों की खराबी की रोकथाम तथा अस्पतालों का सुचारू संचालन सुनिश्चित होगा।

राज्यपाल के अभिभाषण को मंजूरी, मार्च में पेश होगा बजट
मंत्रिमंडल ने 16 फरवरी से शुरू होने वाले हिमाचल प्रदेश विधानसभा बजट सत्र में राज्यपाल की तरफ से पहले दिन दिए जाने वाले अभिभाषण को स्वीकृति प्रदान की। बजट सत्र का पहला चरण 16 से 18 फरवरी तक चलेगा। इस बार विधानसभा का बजट सत्र संसद के बजट सत्र की तरह होगा। यानी राज्यपाल के अभिभाषण के बाद बजट सत्र में ब्रेक होगी तथा बदले परिदृश्य में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू मार्च माह में अपना बजट प्रस्तुत करेंगे। संसदीय कार्यमंत्री हर्षवर्धन चौहान ने बजट के मार्च माह में प्रस्तुत करने की बात कही है।

महिला होमगार्ड को 26 सप्ताह का मातृत्व अवकाश
मंत्रिमंडल ने महिला होम गार्ड स्वयंसेवकों को 26 सप्ताह का मातृत्व अवकाश प्रदान करने का निर्णय लिया। महिला होमगार्ड की तरफ से इसकी लंबे समय से मांग की जा रही थी, जिस पर मंत्रिमंडल ने अपनी स्वीकृति प्रदान की है। मंत्रिमंडल ने हिमाचल प्रदेश विधानसभा के आगामी बजट सत्र के दौरान दिए जाने वाले राज्यपाल के अभिभाषण को भी मंजूरी प्रदान की।

इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना में संशोधन
मंत्रिमंडल ने इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना में संशोधन को स्वीकृति दी, जिसके तहत विधवाओं की बेटियों को राज्य के भीतर एवं बाहर स्थित सरकारी संस्थानों में व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की पढ़ाई के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। छात्रावास सुविधा उपलब्ध न होने की स्थिति में उन्हें 3,000 रुपए प्रतिमाह किराया सहायता भी प्रदान की जाएगी।

मातृ-शिुश संकल्प योजना को मंजूरी
मंत्रिमंडल ने इंदिरा गांधी मातृ शिशु संकल्प योजना को लागू करने की मंजूरी दी। इसका उद्देश्य 6 वर्ष से कम आयु के बच्चों, गर्भवती महिलाओं तथा धात्री माताओं के पोषण स्तर में सुधार करना है, जिसके लिए उन्नत पूरक पोषण उपलब्ध करवाया जाएगा। इसमें दूध और अंडा जैसा प्रोटीनयुक्त आहार शामिल किया गया है।

दिव्यांगों के विवाह की अनुदान राशि बढ़ाई
मंत्रिमंडल ने दिव्यांग व्यक्तियों के विवाह अनुदान में वृद्धि करने का भी निर्णय लिया। 70 फीसदी से अधिक दिव्यांगता वाले व्यक्तियों के लिए सहायता राशि 50,000 रुपए से बढ़ाकर 2 लाख रुपए कर दी गई है, जबकि 40 से 70 फीसदी दिव्यांगता वाले व्यक्तियों को 25,000 रुपए की अनुदान राशि प्रदान की जाएगी।

777 डिजिटल क्लास रूम व डिजिटल विश्वविद्यालय भी बनेगा
मंत्रिमंडल ने राज्य के 777 अतिरिक्त विद्यालयों में डिजिटल क्लास रूम परियोजना लागू करने की स्वीकृति दी। इसी तरह चम्बा जिले में डिस्टिल ग्लोबल स्किल्स एवं डिजिटल विश्वविद्यालय की स्थापना का निर्णय लिया।

3 नए खेल छात्रावास खुलेंगे, बिस्तर क्षमता भी बढ़ी
मंत्रिमंडल ने बिलासपुर जिले के लुहणू खेल छात्रावास की बिस्तर क्षमता 80 से बढ़ाकर 100 करने को भी स्वीकृति दी। इसी तरह राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चौपाल, जिला शिमला में बालकों के लिए वालीबाल खेल छात्रावास खोलने का निर्णय लिया। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला शिलाई, जिला सिरमौर में बालिकाओं के लिए कबड्डी खेल छात्रावास खोलने को भी मंजूरी दी गई। ठाकुर राम लाल बालिका खेल छात्रावास जुब्बल, जिला शिमला में बालिकाओं के लिए बॉक्सिंग खेल शुरू करने को स्वीकृति प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त बिलासपुर जिले के मोरसिंघी में हैंडबॉल खेल छात्रावास स्थापित करने का भी निर्णय लिया गया।

पी.डब्ल्यू.डी. मंडल पुनर्गठित, पशु अस्पताल स्तरोन्नत
मंत्रिमंडल ने सिरमौर जिले में नाहन, शिलाई, पांवटा साहिब, संगड़ाह, राजगढ़ एवं सराहां लोक निर्माण विभाग मंडलों का विधानसभा क्षेत्रों के अनुरूप पुनर्गठन करने का निर्णय लिया। इससे पहले कुछ मंडलों का दायरा एक से अधिक विधानसभा क्षेत्रों में आता था। इसके अलावा शिमला जिले के पशु चिकित्सालय कोटखाई को उपमंडलीय पशु चिकित्सालय में स्तरोन्नत करने तथा आवश्यक पदों के सृजन एवं भरने को मंजूरी दी गई।

रोड ड्रेनेज नीति को स्वीकृति
लोक निर्माण विभाग के लिए रोड ड्रेनेज नीति को स्वीकृति दी गई, जिसका उद्देश्य सड़कों की मजबूती बढ़ाना, लाइफ साइकिल मैंटेनैंस कॉस्ट कम करना, सुरक्षा मानकों में सुधार करना तथा राज्य भर में हर मौसम में संपर्क सुनिश्चित करना है। इसके अतिरिक्त राज्य में बिटुमिनस एवं फ्लेक्सिबल सड़कों पर गड्ढों की मुरम्मत एवं पैच रिपेयर के लिए मानक संचालन प्रक्रिया को मंजूरी दी गई, जिससे राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप कार्य सुनिश्चित होगा तथा पारदर्शी व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।

स्ट्रीट वैंडर पॉलिसी को अनुमति
मंत्रिमंडलीय उपसमिति की सिफारिशों के अनुरूप प्रदेश में स्ट्रीट वैंडर पॉलिसी को अनुमति प्रदान की गई। इसके तहत कैसे कारोबार करना है तथा पंजीकरण और फीस की प्रक्रिया को लेकर मापदंड तय किए गए हैं। इसी तरह मुख्यमंत्री शहरी कारोबारी कल्याण रूल को भी अनुमति प्रदान की गई है।


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Content Writer

Kuldeep

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