Shimla: विधानसभा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित, 73 घंटे तक चली कार्यवाही
punjabkesari.in Friday, Mar 28, 2025 - 10:24 PM (IST)

शिमला (राक्टा): हिमाचल प्रदेश विधानसभा शुक्रवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गई। सत्र की कार्यवाही लगभग 73 घंटे तक चली और सदन की उत्पादकता 110 प्रतिशत रही। इस मौके पर विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि इस सत्र में कुल 16 बैठकें निर्धारित थीं लेकिन होली के उपलक्ष्य में 15 मार्च की बैठक स्थगित कर दी गई थी। सत्र के दौरान 572 तारांकित प्रश्न प्राप्त हुए। नियम 44 के तहत 196 अतारांकित प्रश्न और नियम 46 के तहत 3 विषय प्राप्त हुए, जिनके उत्तर सदस्यों को उपलब्ध करवाए गए तथा सभा पटल पर रखे। इसके साथ ही सत्र में नियम 61 के तहत 2 और नियम 62 में 10 विषयों पर चर्चा हुई।
उन्होंने कहा कि नियम 130 के अंतर्गत 14 विषय प्राप्त हुए लेकिन यह बजट सत्र था और राज्यपाल के अभिभाषण तथा बजट चर्चा के कारण उन्हें सदन में शामिल नहीं किया गया क्योंकि वे सारे विषय चर्चा में आ गए थे। इस सत्र में 2 दिन गैर सरकारी सदस्य दिवस के रूप में निर्धारित थे। सदस्यों के नियम 101 के अंतर्गत 7 गैर सरकारी संकल्प प्राप्त हुए, जिनमें से 3 संकल्प चर्चा के उपरांत सदस्यों द्वारा वापस लिए गए। नियम 324 के तहत विशेष उल्लेख के माध्यम से एक विषय प्राप्त हुआ, जिसका उत्तर संबंधित विभाग द्वारा उपलब्ध करवाया गया। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि शून्यकाल के दौरान सदस्यों से 24 विषय प्रस्तुत हुए, लेकिन उनमें से कई नियमों की परिधि में नहीं आते थे क्योंकि बार-बार वही विषय प्रश्नों और सूचनाओं के माध्यम से सदन में रखे जा चुके थे।
हालांकि सदस्यों के विशेष अनुरोध पर 15 विषयों को शून्यकाल के दौरान सदन में उठाने का अवसर प्रदान किया गया। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि उनका सदैव प्रयास रहा है कि सदस्यों को सभी विषयों पर चर्चा करने का अवसर मिले और इस सत्र में भी राज्यपाल के अभिभाषण, बजट चर्चा तथा कटौती प्रस्तावों के माध्यम से सभी विषयों को सदन में उठाने का अवसर दिया गया। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि हमारा एक अपना इतिहास है और हमारे सामने विट्ठल भाई पटेल का पोर्टेट है। इसलिए सदन में सभी सदस्य और जब कभी मैं यहां से वहां होने का प्रयास करूं तो सामने से आदेश आता है कि आपकी ड्यूटी न्यूट्रल रहने की है, सभी काे समय देने की है और हिमाचल प्रदेश के हितों से जुडे़ हुए विषयों को चर्चा में लाने की है। उन्होंने कहा कि मैं समय समय पर इनके आदेश की पालना करते हुए उस काम को करता हूं और मेरा प्रयास रहता है कि सभी को समय मिले।
2 प्रमुख विधेयक हुए पारित
सत्र के दौरान 10 सरकारी विधेयकों को सभा में स्थापित एवं चर्चा उपरांत पारित किया गया, जिनमें 2 प्रमुख विधेयक हिमाचल प्रदेश संगठित अपराध (निवारण और नियंत्रण) विधेयक 2025 तथा हिमाचल प्रदेश मादक पदार्थ और नियंत्रित पदार्थ (निवारण, नशा मुक्ति और पुनर्वास) विधेयक 2025 भी शामिल है। सत्र के दौरान प्रदेश के सरकारी तथा गैर सरकारी शिक्षण संस्थानों के 1180 बच्चों ने भी सदन की कार्यवाही को देखा।
दिन-रात काम करते हैं मीडिया के साथी
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि प्रिंट और इलैक्ट्रॉनिक मीडिया के साथी दिन-रात काम करते हैं, खतरों से खेलते हैं और इन्हें भी सुरक्षा की आवश्यकता होती है। आने वाले समय में सरकार कंसीडर करे कि इनको भी हरियाणा की तर्ज पर पैंशन के रूप में कोई सहायता मिले। उन्होंने कहा कि सदन में ऐसा कोई विषय नहीं है, जिसमें हिमाचल प्रदेश की जनता से जुडे़ हुए विषयों पर चर्चा न हुई हो। अगर कोई विषय छूटा है तो शून्यकाल के माध्यम से भी सदन के ध्यान में लाया गया है।
इस बार विपक्ष ने सही मायने में विपक्ष की भूमिका निभाई : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि इस विधानसभा सत्र में कई ऐतिहासिक बिल लाए गए हैं, जिसमें सबसे महत्वपूर्ण बिल ऑर्गेनाइज्ड क्राइम और एंटी ड्रग्ज के लिए सरकार लाई है। उन्होंने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष से कहा कि जिस तरह से आप संचालन करते हैं और जिस प्रकार से आप विपक्ष को अधिक समय देते हैं, यही लोकतंत्र की मुख्य विशेषता होती है। सीएम ने कहा कि इस विधानसभा की अपनी एक परंपरा रही है। यह परंपरा हम सभी लोग कई वर्षों से निभाते आए है। इस बार विपक्ष ने सही मायने में विपक्ष की भूमिका निभाई है, इन्होंने बहुत कम वॉकआऊट किया और अपने प्रश्न ज्यादा किए।
उन्होंने कहा कि जो हमारे युवा साथी पहली और दूसरी बार चुनकर विधानसभा में आए हैं, इन्होंने बहुत अच्छे विचार रखे। उन्होंने कहा कि सरकारें आती हैं, जाती हैं। सत्ता आती है, जाती है। सत्तापक्ष भी रहता है और विपक्ष भी रहता है लेकिन राजनीतिक जीवन में एक बार सत्ता में आने का मौका मिलकर कुछ अच्छे कार्य करने की कोशिश होनी चाहिए। मेरे जीवन का स्वभाव है कि मैं अपने आपको आज समझकर काम करता हूं। कल की चिंता नहीं करता। आज हूं तो मुझे काम करना है और मुझे काम प्रदेश हित में करना है, यह सोचकर मैं काम करता हूं।
प्रदेश हित में जो मुद्दे आवश्यक लगे, उन्हें उठाने के प्रयत्न किए : नेता प्रतिपक्ष
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि यह सत्र जितने बजट सत्र यहां रहे, उसकी तुलना में छोटा सत्र रहा। उसके बावजूद इस बात को लेकर संतोष है कि सत्ता पक्ष और विपक्ष के सभी सदस्यों ने राज्य के अभिभाषण और मुख्यमंत्री के बजट भाषण या कट मोशन के संदर्भ में खुले मन से चर्चा की। यहां पर सभी को बोलने के लिए पर्याप्त मात्रा में समय मिला और हाऊस को बढ़ाया भी गया। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की विधानसभा छोटी है लेकिन यदि यहां विधानसभा की कार्यवाही की चर्चा का स्तर और उसमें सदस्यों की एक्टिव पार्टिसिपेशन की बड़े-बड़े राज्यों से तुलना की जाए तो हिमाचल एक बहुत ही बेहतर स्थान पर आकर खड़ा होता है।
उन्होंने कहा कि इस बात को भी देखा है कि बहुत बड़े-बड़े राज्य हैं लेकिन वहां विधानसभा का बजट सत्र केवल एक सप्ताह या 5 दिन का होता है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि हम लोकतांत्रिक व्यवस्था में रहते हैं। हमारी सारी बातों से सरकार सहमत होगी, यह भी संभव नहीं है और न ही विपक्ष सरकार की हर बात पर सहमत हो सकता है। प्रदेश हित में जो हमें आवश्यक लगते थे, हमने वे मुद्दे उठाने के प्रयत्न किए। वे चाहे सदन के अंदर की बात हाे या सदन से बाहर की बात हो।