Shimla: विदेश भेजने का सपना दिखाकर लगाया 25 लाख का चूना, पंजाब से महिला गिरफ्तार
punjabkesari.in Monday, Feb 23, 2026 - 11:00 AM (IST)
हिमाचल डेस्क। शिमला की बालूगंज पुलिस ने एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए एक महिला आरोपी को पंजाब के खरड़ से गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। यह गिरफ्तारी शातिर अपराधियों के लिए एक कड़ा संदेश है कि कानून के हाथ उनकी डिजिटल चालाकियों से कहीं ज्यादा लंबे हैं।
क्या है पूरा मामला?
धोखाधड़ी का यह खेल साल 2025 में शुरू हुआ था, जब बालूगंज थाने में ठगी की एक शिकायत दर्ज कराई गई। पीड़ित पक्ष का आरोप था कि उनकी बहन, भावना, को कनाडा का वीजा दिलाने का झांसा दिया गया था। वर्क परमिट और अन्य दस्तावेजों के नाम पर आरोपियों ने धीरे-धीरे परिवार से 25 लाख रुपये की मोटी रकम ऐंठ ली। पैसे लेने के बाद जब न वीजा मिला और न ही आरोपी हाथ आए, तब पीड़ितों को अपने साथ हुई धोखाधड़ी का अहसास हुआ।
लुका-छिपी का खेल और तकनीकी जाल
पुलिस के अनुसार, मामला दर्ज होने के बाद से ही आरोपी पुलिस को चकमा देने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहे थे। आरोपियों की चालाकी का आलम यह था कि वे पुलिस की पकड़ से बचने के लिए लगातार अपनी मोबाइल सिम बदल रहे थे।
ट्रैकिंग से बचने के लिए वे सामान्य कॉल के बजाय केवल व्हाट्सएप कॉल का इस्तेमाल कर रहे थे। पुलिस ने पहले भी पंजाब और हरियाणा में कई ठिकानों पर छापेमारी की थी, लेकिन आरोपी हर बार भूमिगत होने में कामयाब रहे।
पुलिस की सर्जिकल स्ट्राइक
22 फरवरी को शिमला पुलिस ने इस मामले में निर्णायक कदम उठाते हुए एक विशेष टीम का गठन किया। गहन तकनीकी जांच और सर्विलांस की मदद से आरोपी की लोकेशन चंडीगढ़ के पास खरड़ (शिवालिक सिटी) में ट्रैक की गई। पुलिस टीम ने वहां एक फ्लैट पर अचानक दबिश देकर आरोपी मंजू कुमारी को हिरासत में ले लिया।
जांच का अगला चरण
शिमला के एसएसपी गौरव सिंह ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपी मंजू कुमारी ने पीड़ित को अपने जाल में फंसाकर इस बड़े फ्रॉड को अंजाम दिया था। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस गिरोह में और कौन-कौन शामिल है और क्या इन्होंने अन्य लोगों को भी अपना शिकार बनाया है। फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है और आने वाले दिनों में कुछ और बड़ी गिरफ्तारियां संभव हैं।

