Bilaspur: तकनीकी संस्थानों में जल्द नियुक्त होंगे शारीरिक शिक्षा व संगीत अध्यापक : धर्माणी

punjabkesari.in Saturday, Sep 26, 2026 - 10:04 PM (IST)

शाहतलाई (हिमल): तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि प्रदेश सरकार तकनीकी शिक्षा को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखते हुए विद्यार्थियों के चहुंमुखी विकास पर विशेष जोर दे रही है। इसी उद्देश्य से प्रदेश के तकनीकी शिक्षण संस्थानों में शारीरिक शिक्षा एवं संगीत अध्यापकों की नियुक्ति करने का निर्णय लिया गया है। इस व्यवस्था को इसी वर्ष लागू करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके साथ ही तकनीकी संस्थानों में एनसीसी शुरू करने की दिशा में भी प्रयास किए जाएंगे।

तकनीकी शिक्षा मंत्री शनिवार को परमवीर चक्र कैप्टन संजय कुमार राजकीय बहुतकनीकी कॉलेज बिलासपुर स्थित कलोल में केके फाऊंडेशन के माध्यम से स्थापित 10 किलोवाट क्षमता के ऑन-ग्रिड सोलर रूफटॉप सिस्टम एवं सोलर इंक्यूबेशन केंद्र के लोकार्पण के अवसर पर विद्यार्थियों को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में परमवीर चक्र विजेता कैप्टन संजय कुमार तथा केके फाऊंडेशन के अध्यक्ष केके कश्यप विशेष रूप से उपस्थित रहे।

बिजली बिल में करीब 70 प्रतिशत कमी
राजेश धर्माणी ने सोलर रूफटॉप सिस्टम एवं इंक्यूबेशन केंद्र स्थापित करने के लिए केके फाऊंडेशन के अध्यक्ष केके कश्यप का आभार जताया। उन्होंने कहा कि फाऊंडेशन सामाजिक सेवा के क्षेत्र में निरंतर सराहनीय कार्य कर रहा है। इसी प्रकार राजकीय हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज बंदला में भी ऑन-ग्रिड सोलर रूफटॉप सिस्टम एवं सोलर इंक्यूबेशन केंद्र स्थापित किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि कलोल कॉलेज में सोलर सिस्टम स्थापित होने से बिजली के बिल में करीब 70 प्रतिशत तक की कमी आई है। इस तरह की पर्यावरण-अनुकूल पहल से जहां शिक्षण संस्थानों के बिजली खर्च में कमी आती है, वहीं विद्यार्थियों को सौर ऊर्जा एवं आधुनिक तकनीक का व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त करने का अवसर भी मिलता है।

स्टार्टअप के लिए दो करोड़ का इनोवेशन फंड
तकनीकी शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने विद्यार्थियों के नवाचार एवं स्टार्टअप विचारों को प्रोत्साहित करने के लिए दो करोड़ रुपए का इनोवेशन फंड शुरू किया है। इसके तहत ऐसी व्यावहारिक परियोजनाओं और स्टार्टअप विचारों को आर्थिक सहायता दी जाएगी, जो समस्याओं के समाधान के साथ व्यावसायिक संभावनाएं भी रखते हों। एक स्टार्टअप के लिए अधिकतम 10 लाख रुपए तक की वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाने का प्रावधान किया गया है।

उन्होंने कहा कि तकनीकी संस्थानों में कार्यरत उत्कृष्ट अध्यापकों को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य पुरस्कार की व्यवस्था भी शुरू की गई है। इस वर्ष निष्पक्ष एवं निर्धारित मूल्यांकन मापदंडों के आधार पर पांच उत्कृष्ट शिक्षकों को राज्य पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। कार्यक्रम में एसडीएम झंडूता अर्शिया शर्मा, संयुक्त निदेशक तकनीकी शिक्षा दिनेश शर्मा, सेवानिवृत्त कर्नल जसवंत सिंह चंदेल, जिला को-ऑप्रेटिव सोसायटी के चेयरमैन रणजीत कश्यप, कॉलेज प्राचार्य अनिता जोशी, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव विवेक कुमार, विभिन्न विभागों के अधिकारी, कॉलेज के अध्यापक एवं अन्य गण्यमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।


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Content Writer

Kuldeep

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