Himachal: हैरान करने वाला मामला! जिसे मृत समझकर झील किनारे फैंक आए थे भाई-भाभी, पुलिस ने जीवित ढूंढ निकाला वो शख्स

punjabkesari.in Saturday, Sep 19, 2026 - 12:56 PM (IST)

बिलासपुर (बंशीधर): हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। जिस व्यक्ति की हत्या के आरोप में पुलिस उसके शव की तलाश कर रही थी, वह व्यक्ति जिंदा निकला और एक ढाबे पर काम करता हुआ पाया गया। पुलिस की जांच में यह खुलासा हुआ है कि आरोपी भाई-भाभी ने मारपीट के बाद पीड़ित को मृत समझ लिया था और डर के मारे उसे झील किनारे फैंक दिया था।

जानकारी के अनुसार इस मामले में प्रारंभिक तौर पर पीड़ित मदन लाल के भाई बिशन दास और भाभी रानी देवी ने पुलिस को बताया था कि झगड़े के दौरान मदन लाल की मौत हो गई थी, जिसके बाद उन्होंने उसके शव को उठाकर फैंक दिया था। इस बयान के आधार पर पुलिस ने शव की बरामदगी के लिए गोबिंद सागर झील और आसपास के इलाकों में व्यापक सर्च अभियान चलाया, लेकिन काफी प्रयासों के बावजूद शव नहीं मिला।

इसी बीच, पुलिस रिमांड के दौरान आरोपियों से सख्ती से पूछताछ की गई और स्थानीय लोगों से जानकारी जुटाई गई। जांच में एक अहम सुराग मिला कि मदन लाल को 13 सितम्बर को मंडी भराड़ी और स्वारघाट के आसपास देखा गया था। इस सूचना के बाद पुलिस ने स्वारघाट और मंडी भराड़ी क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसी क्रम में बीती रात करीब 9 बजे पुलिस ने मदन लाल को सही-सलामत ढूंढ निकाला।

पुलिस द्वारा मदन लाल से पूछताछ करने पर पूरी घटना की असलियत सामने आई। मदन लाल ने बताया कि 11 सितम्बर को वह शराब के नशे में था। इसी दौरान किसी बात को लेकर उसका अपने भाई बिशन दास से विवाद हो गया। झगड़े के दौरान उसकी भाभी रानी देवी ने उसके सिर पर पत्थर से वार कर दिया, जिससे खून बहने लगा। इसके बाद वह दवाई और पट्टी करवाकर वापस घर आ गया।

मदन लाल के अनुसार घर पहुंचने पर भाई और भाभी ने उसे फिर से बुरी तरह पीटा, जिससे वह बेहोश हो गया। जब 12 सितम्बर को उसे होश आया, तो उसने खुद को चंगरू के पास गोबिंद सागर झील के किनारे पड़ा हुआ पाया। वहां से उठकर वह झील के किनारे के रास्ते मंडी भराड़ी की ओर निकल गया। रास्ते में उसने एक कैमिस्ट की दुकान से मरहम-पट्टी खरीदी और फिर स्वारघाट की ओर नैशनल हाईवे पर स्थित एक ढाबे पर पहुंच गया। वहां उसने काम करना शुरू कर दिया और तब से वहीं रह रहा था।

अब तक की पुलिस जांच और बयानों से यह स्पष्ट हुआ है कि 11 सितम्बर की रात मारपीट के बाद मदन लाल बेहोश हो गया था। भाई बिशन दास और भाभी को लगा कि मदन लाल की मौत हो चुकी है। इसी डर और घबराहट में उन्होंने मदन लाल को उठाकर चंगरू के पास गोबिंद सागर झील के नजदीक फैंक दिया था। फिलहाल पुलिस ने इस मामले में सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए आगामी कानूनी जांच जारी रखी है।

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Content Writer

Vijay

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