Himachal: बैंक खाते से आधार लिंक न होने पर अटकी 44616 छात्रों की स्कॉलरशिप, सुप्रीम कोर्ट के अल्टीमेटम के बाद शिक्षा विभाग सख्त

punjabkesari.in Tuesday, Jun 30, 2026 - 06:10 PM (IST)

शिमला (प्रीति): हिमाचल प्रदेश में विभिन्न श्रेणियों के हजारों विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति को लेकर एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। बैंक खाते आधार कार्ड से लिंक न होने के कारण प्रदेश भर में 44,616 छात्रों की छात्रवृत्ति लटकी हुई है। इस मामले को सर्वोच्च न्यायालय द्वारा बेहद गंभीरता से लेने के बाद अब प्रदेश का उच्च शिक्षा विभाग हरकत में आ गया है और सभी शिक्षण संस्थानों के लिए कड़े आदेश जारी किए हैं। विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार शैक्षणिक सत्र 2022-23 से लेकर 2025-26 तक के बीच छात्रवृत्ति के 44 हजार 616 मामले पैंडिंग हैं। इनमें मुख्य रूप से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, आर्थिक रूप से पिछड़ा वर्ग और डीएनटी वर्ग के छात्रों की प्री-मैट्रिक एवं पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्तियां शामिल हैं। सबसे अधिक लंबित मामले केंद्र प्रायोजित प्री-मैट्रिक, पोस्ट-मैट्रिक और पीएम-यशस्वी छात्रवृत्ति योजनाओं से जुड़े हैं। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि वर्ष 2024-25 में पीएम-यशस्वी योजना के कुछ लाभार्थियों को सीमित बजट होने के कारण भी छात्रवृत्ति नहीं मिल पाई है।

सुप्रीम कोर्ट ने दिया 4 महीने का अल्टीमेटम
सरकार के नियमानुसार छात्रवृत्ति की राशि सीधे लाभार्थियों के आधार से जुड़े बैंक खातों में भेजी जाती है। खाते लिंक न होने के कारण यह राशि छात्रों तक नहीं पहुंच पा रही है। सुप्रीम कोर्ट ने एक मामले की सुनवाई करते हुए केंद्र और राज्य सरकारों को सख्त निर्देश दिए हैं कि सभी लंबित छात्रवृत्ति मामलों का हर हाल में 4 महीने के भीतर निपटारा किया जाए। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद उच्च शिक्षा विभाग के निदेशक डॉ. हरीश अवस्थी ने सभी संबंधित शिक्षण संस्थानों को तुरंत प्रभाव से कार्रवाई करने के आदेश जारी किए हैं। नए आदेशों के तहत यह अनिवार्य कर दिया गया है कि यदि किसी कारणवश छात्र को छात्रवृत्ति जारी नहीं हो पाती है, तो संबंधित संस्थान को 2 महीने के भीतर इसका लिखित कारण बताना होगा। साथ ही भविष्य में तय समय-सीमा के भीतर स्कॉलरशिप वितरण सुनिश्चित करने की हिदायत दी गई है।

आधार सीडिंग के बिना आवेदन भेजा तो प्रिंसिपल होंगे जिम्मेदार
विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन आवेदनों का सत्यापन पहले ही हो चुका है, लेकिन बैंक खाते अभी भी आधार से लिंक नहीं हैं, संस्थान तुरंत उन विद्यार्थियों से संपर्क कर उनका खाता लिंक करवाएं। ऐसे मामलों के प्रमाण पत्र 26 दिसम्बर 2026 तक निदेशालय को भेजने अनिवार्य किए गए हैं। निदेशालय ने चेतावनी दी है कि भविष्य में यदि आधार सीडिंग के बिना कोई भी आवेदन आगे भेजा जाता है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी सीधे तौर पर संबंधित संस्थान के प्रमुख और नोडल अधिकारी की होगी।

 

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Content Writer

Vijay

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