मांग पूरी होने तक सरकारी मैस में खाना नहीं खाएंगे पुलिस जवान

punjabkesari.in Tuesday, Nov 30, 2021 - 10:56 PM (IST)

जस्टिस फॉर एचपी पुलिस के नाम से जारी हुई ई-मेल
शिमला (राक्टा):
वर्ष 2013 के बाद सिपाही रैंक पर भर्ती पुलिस जवानों को आस है कि सरकार उनकी मांगों को गंभीरता से लेते हुए जल्द पूरा करेगी। इसके साथ ही मंगलवार को जस्टिस फॉर एचपी पुलिस शीर्षक से पंजाब केसरी को 4 ई-मेल प्राप्त हुईं। सभी ई-मेल्स में उल्लेख किया गया है कि वर्ष 2013 के बाद सिपाही रैंक पर भर्ती पुलिस जवानों ने अपनी मांगों को मनवाने के लिए अनोखा तरीका अपनाया है। इसके तहत सभी ने एक मत से यह निर्णय किया कि वे सरकारी मैस में बना खाना नहीं खाएंगे और इसकी बाकायदा रोज नामचे में रपट भी डाल दी गई।

पंजाब केसरी को जारी ई-मेल्स में यह भी उल्लेख किया गया है कि पुलिस जवान अपने हितों के लिए किसी भी तरह का आंदोलन नहीं कर सकते हैं। इसमें कहा गया है कि वर्ष 2013 में जो पुलिस जवान भर्ती हुए हैं वे 5910+1900 वेतनमान पर भर्ती हुए थे। उन्हें 2 वर्ष बाद 10300+3200 वेतनमान सरकार द्वारा दिया गया। इसी तरह 2015 में जो भर्ती हुई उसमें 5910+1900 वेतनमान दिया गया लेकिन उन्हें 10300+3200 के लिए 8 वर्ष का समय निर्धारित कर दिया गया। ये नियम उसके बाद होने वाली सभी भर्तियों पर लागू कर दिया गया, ऐसे में पूछा गया है कि अन्य कर्मचारियों को 2 साल बाद वेतनमान में बढ़ौतरी मिल जाती है तो उन्हें क्यों नहीं?

पुलिस जवानों की कोई यूनियन नहीं

जारी ई-मेेल में ये भी उल्लेख किया गया है कि पुलिस जवानों की कोई यूनियन नहीं है और न ही किसी भी तरह का विरोध पुलिस कर्मी कर सकते हैं, ऐसे में उनके इंसाफ की लड़ाई कौन और कैसे लड़े। कहा गया है कि बहुत से पुलिसकर्मियों के परिजन मांगें न माने जाने की सूरत में बड़ा आंदोलन करने की तैयारी में हैं।

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Content Writer

Vijay

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