Chamba: चमेरा जलाशय में गिरी पिकअप जीप, चालक लापता; गुस्साए लोगों ने किया चक्का जाम
punjabkesari.in Saturday, May 30, 2026 - 10:43 PM (IST)
बनीखेत (पार्थ): चम्बा जिले के अंतर्गत आते गोली-भलेई-सलूणी मार्ग पर चौहड़ा डैम के समीप एक पिकअप जीप चमेरा जलाशय में गिर गई। हादसे के बाद चालक रहस्यमयी परिस्थितियों में लापता हो गया है। पुलिस ने मुकद्दमा दर्ज कर चालक की तलाश शुरू कर दी है। तौफीक भट्ट (21) पुत्र याकूब निवासी गांव डांड डाकघर किहार तहसील सलूणी शुक्रवार को मुर्गे खरीदने के लिए पिकअप जीप लेकर पठानकोट जा रहा था, लेकिन वह अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच सका। परिजनों के अनुसार शुक्रवार रात करीब 8 बजे के बाद से उसका मोबाइल फोन बंद आने लगा, जिसके बाद उसकी तलाश शुरू की गई। शनिवार को चौहड़ा डैम के समीप सड़क किनारे युवक की एक चप्पल और पिकअप वाहन की स्टैपनी बरामद हुई। दोनों वस्तुएं घटनास्थल से लगभग 100 मीटर दूर मिलीं, जिनकी पहचान युवक के बड़े भाई शहजाद ने की। इसके बाद वाहन के जलाशय में गिरने की आशंका और गहरा गई।

परिजनों का कहना है कि तौफिक पोल्ट्री व्यवसाय से जुड़ा हुआ था और मुर्गों की खरीदारी के लिए उसके पास नकदी भी थी, ऐसे में उन्होंने दुर्घटना के साथ-साथ किसी आपराधिक साजिश अथवा हत्या की संभावना से भी इंकार नहीं किया है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष एवं गहन जांच की मांग की है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस आसपास के क्षेत्र से साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है। वहीं किहार से पहुंचे कुछ लोगों ने जलाशय में युवक का सिर दिखाई देने का दावा किया, जिसके बाद तलेरू बोटिंग प्वाइंट से नाव मंगवाकर तलाशी अभियान शुरू किया गया। इस दौरान डीएसपी डल्हौजी मयंक शर्मा घटनास्थल पर पहुंचे और जांच का नेतृत्व किया। पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है तथा युवक और वाहन का पता लगाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। उधर, एसडीएम डल्हौजी अनिल भारद्वाज ने बताया कि चौहड़ा क्षेत्र में एक वाहन दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना मिली है। युवक की तलाश के लिए एसडीआरएफ टीम को भी बुलाया गया है, जो खोज अभियान में जुटेगी।

क्रैश बैरियर लगाए गए होते तो टल सकता था हादसा
चौहड़ा डैम के समीप वाहन दुर्घटना के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों का कहना है कि यदि दुर्घटनास्थल पर क्रैश बैरियर लगाए गए होते तो यह हादसा टल सकता था। उनका आरोप है कि गोली-भलेई-सलूणी संपर्क मार्ग पर कुछ स्थानों पर क्रैश बैरियर तो लगाए गए हैं, लेकिन जहां से पिकअप वाहन जलाशय में गिरने की आशंका है, वहां सुरक्षा के पर्याप्त प्रबंध नहीं किए गए थे। स्थानीय लोगों ने कहा कि करोड़ों रुपए का राजस्व अर्जित करने वाली एनएचपीसी परियोजना द्वारा सड़क सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम नहीं उठाए गए हैं। कई स्थानों पर लगे क्रैश बैरियर भी क्षतिग्रस्त अवस्था में पड़े हैं, जिससे उनकी कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। घटना से आक्रोशित किहार क्षेत्र के लोगों ने सड़क पर चक्का जाम कर दिया और वाहनों की आवाजाही रोक दी। प्रदर्शनकारियों ने दुर्घटनास्थल पर उचित सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित करने, क्षतिग्रस्त क्रैश बैरियरों की मुरम्मत करने तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में सड़क सुरक्षा को लेकर लंबे समय से अनदेखी की जा रही है, जिसके कारण इस तरह की घटनाओं का खतरा लगातार बना हुआ है।


