Kangra: सरकार के खिलाफ गरजे पैंशनर्ज, जोरावर स्टेडियम के पास किया चक्का जाम; CM के आश्वासन पर शांत हुआ गुस्सा
punjabkesari.in Friday, Nov 28, 2025 - 07:37 PM (IST)
धर्मशाला (विवेक): हिमाचल प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन तपोवन का माहौल गरमा गया। अपनी मांगों को लेकर प्रदेश भर से आए हजारों पैंशनर्ज ने हिमाचल प्रदेश पैंशनर्ज संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले प्रदेश सरकार के खिलाफ जोरदार हल्ला बोला। पैंशनर्ज ने न केवल सरकार के खिलाफ नारेबाजी की, बल्कि मुख्यमंत्री से मिलने की जिद पर अड़े हुए जोरावर स्टेडियम के पास सड़क पर चक्का जाम भी कर दिया।
पुलिस से धक्का-मुक्की और सरकार का घेराव
प्रशासन ने भीड़ और कानून-व्यवस्था को देखते हुए रैली का स्थान जोरावर मैदान से बदलकर पुलिस मैदान धर्मशाला कर दिया था। सुबह से ही वहां पैंशनर्ज का जमावड़ा शुरू हो गया। 17 यूनिटों के पदाधिकारियों के संबोधन के बाद आक्रोश रैली जोरावर स्टेडियम के पास पहुंची और विधानसभा की ओर जाने वाली सड़क पर पैंशनर्ज ने धरना दे दिया। इस दौरान सीएम से मिलने के लिए आगे बढ़ रहे पैंशनर्ज और पुलिस कर्मियों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई।
पैंशनर्ज की मांगें पूरी नहीं कर सकती तो त्यागपत्र दे सरकार
संघर्ष समिति के अध्यक्ष सुरेश ठाकुर ने रैली को संबोधित करते हुए सुक्खू सरकार को कड़े शब्दों में चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि सरकार को 14 सूत्रीय मांगों के लिए एक महीने का अल्टीमेटम दिया गया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द मांगें नहीं मानी, तो राज्यपाल के माध्यम से प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की जाएगी। उन्होंने कहा कि अगर सरकार पैंशनर्ज की मांगें पूरी नहीं कर सकती तो उसे त्यागपत्र दे देना चाहिए।
हिमाचल के इतिहास का 'काला दिन'
समिति के संयोजक घनश्याम शर्मा ने इस दिन को हिमाचल के इतिहास का 'काला दिन' करार दिया। उन्होंने कहा कि जिस उम्र में बुजुर्गों के हाथ आशीर्वाद के लिए उठने चाहिए, आज उन्हें अपने हकों के लिए सड़कों पर संघर्ष करना पड़ रहा है।" उन्होंने सीएम को संवादहीनता छोड़ने की नसीहत दी और चेतावनी दी कि अगली बार शिमला सचिवालय का घेराव किया जाएगा और जरूरत पड़ी तो दिल्ली तक कूच करेंगे।
सीएम सुक्खू से मिला प्रतिनिधिमंडल, एक हफ्ते का आश्वासन
भारी हंगामे और चक्का जाम के बाद संघर्ष समिति के 36 सदस्यों के एक प्रतिनिधिमंडल ने तपोवन विधानसभा परिसर में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मुलाकात की। सीएम ने पैंशनर्ज की बात सुनी और आश्वासन दिया कि विधानसभा सत्र समाप्त होने के एक सप्ताह के भीतर पैंशनर्ज की जेसीसी मीटिंग बुलाई जाएगी। इस आश्वासन के बाद पैंशनर्ज का गुस्सा कुछ हद तक शांत हुआ।

