हिमाचल में बजने वाला है पंचायत चुनावों का बिगुल! 20 अप्रैल के आसपास हो सकती है घोषणा, 3 चरणों में होंगे चुनाव
punjabkesari.in Saturday, Apr 04, 2026 - 07:31 PM (IST)
शिमला (भूपिन्द्र): हिमाचल प्रदेश में गांव की सरकार यानी पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। राज्य में इन चुनावों को तीन चरणों में आयोजित किए जाने की पूरी संभावना है। राज्य चुनाव आयोग द्वारा चुनाव कार्यक्रम को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया जोरों पर है। सूत्रों के अनुसार, यदि सभी तैयारियां समय पर पूरी हो जाती हैं, तो 20 अप्रैल के आसपास चुनावों की आधिकारिक घोषणा की जा सकती है।
31 मई तक चुनाव प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य
जानकारी के अनुसार पंचायती राज संस्थाओं (ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद) के चुनावों की संपूर्ण प्रक्रिया को पूरा करने में कम से कम 30 दिन का समय लगता है। इस अवधि में नामांकन, दस्तावेजों की जांच, नाम वापसी, मतदान और मतगणना जैसी सभी प्रक्रियाएं शामिल होती हैं। यदि चुनाव आयोग 31 मई तक पूरी चुनाव प्रक्रिया संपन्न करना चाहता है, तो पहले चरण के मतदान से करीब एक माह पूर्व आचार संहिता लागू करना अनिवार्य हो जाएगा। इसी आधार पर यह अनुमान लगाया जा रहा है कि मतदान का पहला चरण 20 या 21 मई को आयोजित किया जा सकता है, जिसके लिए 20 अप्रैल के आसपास चुनाव कार्यक्रम घोषित करना आवश्यक है।
घोषणा के साथ ही लागू हो जाएगी आचार संहिता
राज्य चुनाव आयोग द्वारा पंचायत चुनावों के शैड्यूल की आधिकारिक घोषणा के साथ ही प्रदेश में आदर्श आचार संहितालागू हो जाएगी। इसके लागू होते ही सरकार और प्रशासन के स्तर पर नई घोषणाओं, शिलान्यासों और नए विकास कार्यों पर कुछ समय के लिए रोक लग जाएगी। ग्रामीण स्तर पर लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी माने जाने वाले इन चुनावों में ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद के प्रतिनिधियों का चयन किया जाएगा, जो जमीनी स्तर पर विकास योजनाओं को अमलीजामा पहनाते हैं।
20 अप्रैल तक तैयार हो जाएंगी अधिकांश मतदाता सूचियां
पंचायत चुनावों को लेकर प्रशासनिक तैयारियां पहले ही शुरू हो चुकी हैं। राज्य चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण और अन्य प्रारंभिक तैयारियों का कार्य तेजी से चल रहा है। उम्मीद है कि 20 अप्रैल तक प्रदेश की अधिकांश पंचायतों की मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
आखिर क्यों तीन चरणों में होते हैं चुनाव?
प्रदेश में पंचायत चुनाव हमेशा से तीन चरणों में करवाने के पीछे प्रमुख रूप से प्रशासनिक और लॉजिस्टिकल कारण माने जाते हैं। यदि पूरे राज्य में एक ही चरण में चुनाव करवाए जाएं, तो भारी संख्या में चुनाव ड्यूटी के लिए कर्मचारियों और पुलिस बल की आवश्यकता होगी, जिसे एक साथ उपलब्ध करवा पाना मुश्किल है। इसके अलावा, राज्य चुनाव आयोग के पास इतनी बड़ी संख्या में मतपेटियां भी उपलब्ध नहीं होती हैं। यही कारण है कि चुनाव तीन चरणों में बांटे जाते हैं। पहले चरण का मतदान खत्म होने के बाद ग्राम पंचायत प्रधान, उप प्रधान और वार्ड सदस्यों की मतगणना उसी दिन हो जाती है। इसके बाद खाली हुई मतपेटियों और चुनाव ड्यूटी पर तैनात स्टाफ का उपयोग दूसरे और फिर तीसरे चरण के मतदान में किया जाता है। फिलहाल, प्रदेश भर के संभावित उम्मीदवारों और जनता की नजरें राज्य चुनाव आयोग की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं, जिससे चुनाव की तिथियों और चरणों की पूरी स्थिति स्पष्ट होगी।

