''चुनाव टालने और झूठे केस बनाने वाले अधिकारियों की लिस्ट बना रही BJP'', जयराम ठाकुर का सुक्खू सरकार पर तीखा हमला
punjabkesari.in Saturday, Jun 27, 2026 - 05:35 PM (IST)
शिमला (कुलदीप): हिमाचल प्रदेश में शहरी निकाय और पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों को लेकर सियासी माहौल पूरी तरह से गरमा गया है। पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने शिमला में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए राज्य की सुक्खू सरकार और नौकरशाही पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने ऐलान किया है कि अब कांग्रेस सरकार के साथ भाजपा की सीधी लड़ाई शुरू हो गई है। जयराम ठाकुर ने अध्यक्ष-उपाध्यक्ष पद की चुनाव प्रक्रिया पूरी न करने वाले अधिकारियों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि सरकार अपनी हार को स्वीकार करे और जल्द चुनाव प्रक्रिया पूरी करवाए।
...तो भाजपा कानूनी विकल्पों पर भी करेगी विचार
नेता प्रतिपक्ष ने अधिकारियों को आड़े हाथों लेते हुए स्पष्ट किया कि भाजपा प्रदेश के उन डीसी और एसडीएम स्तर के अधिकारियों की दो सूचियां तैयार कर रही है, जो सरकार के इशारे पर काम कर रहे हैं। इनमें वे अधिकारी शामिल हैं जो जानबूझकर चुनाव प्रक्रिया पूरी करने में व्यवधान डाल रहे हैं और निर्वाचित जनप्रतिनिधियों पर विजिलैंस व अवैध कब्जों के झूठे केस दर्ज कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन स्थानों पर भाजपा को बहुमत प्राप्त है, वहां जानबूझकर चुनाव टाले जा रहे हैं और इसी उद्देश्य से कानून में भी संशोधन किया गया है। जयराम ठाकुर ने चेतावनी दी कि यदि चुनाव प्रक्रिया में और देरी की गई तो भाजपा कानूनी विकल्पों पर भी विचार करेगी।
सीएम पर लगाया षड्यंत्र रचने का आरोप, राजस्व मंत्री से मांगा इस्तीफा
मुख्यमंत्री और राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि सीएम ने मर्यादा की सभी सीमाएं लांघ दी हैं और वे भाजपा के खिलाफ साजिश व षड्यंत्र रच रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने नाम लिए बिना राजस्व मंत्री पर भी बड़ा तंज कसा। ठाकुर ने कहा कि सरकार ने राजस्व मंत्री का इस्तेमाल केवल भाजपा के खिलाफ किया है और उन्हें अपनी असल हैसियत का अहसास तब हुआ जब जिलाध्यक्ष के चुनाव में उन्हें विश्वास में ही नहीं लिया गया। उन्होंने कहा कि वे अब सिर्फ नाम के मंत्री रह गए हैं, इसलिए उन्हें नैतिकता के आधार पर अपना पद छोड़ देना चाहिए।
हिमाचल में कांग्रेस का हश्र बंगाल की ममता सरकार जैसा होगा
जयराम ठाकुर ने दावा किया कि प्रदेश की जनता ने इस सरकार की विदाई तय कर दी है। नेताओं को अपनी हार स्पष्ट तौर पर नजर आ रही थी, इसी कारण विभिन्न कारणों से चुनाव टालने के प्रयास किए गए। उन्होंने एक बड़ा बयान देते हुए दावा किया कि हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार का हश्र बिल्कुल वैसा ही होने वाला है, जैसा पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस का हुआ है।
प्रदेश की 70 फीसदी पंचायतों में किया जीत का दावा
पत्रकार वार्ता के दौरान नेता प्रतिपक्ष ने भाजपा की जीत के आंकड़े भी पेश किए। उन्होंने दावा किया कि पंचायत चुनावों में प्रदेश की लगभग 70 फीसदी पंचायतों में भाजपा समर्थित प्रधान और उपप्रधान विजयी हुए हैं। प्रदेश के 4 में से 3 नगर निगमों और अधिकांश शहरी निकायों में भाजपा को ही बहुमत मिला है। इसके अलावा अब तक 12 में से जिन 3 जिला परिषदों के चुनाव हुए हैं, उन तीनों जगह पार्टी के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष चुने गए हैं। ब्लॉक समितियों का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि 92 में से केवल 47 ब्लॉक समितियों में चुनाव करवाए गए, जिनमें 31 स्थानों पर भाजपा समर्थित उम्मीदवार जीते, जबकि कांग्रेस केवल 16 स्थानों पर ही सिमट कर रह गई।
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