शादी का झांसा देकर नाबालिग को ले गया सूरत, फिर कई बार की हैवानियत; अब 6 साल बाद कोर्ट ने दोषी पड़ोसी को सुनाई ये सजा
punjabkesari.in Saturday, Mar 28, 2026 - 05:17 PM (IST)
Solan News : देवभूमि में बेटियों की सुरक्षा की दिशा में सोलन की एक विशेष अदालत ने शुक्रवार को नजीर पेश करने वाला फैसला सुनाया है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालय कनिका चावला की अदालत ने एक नाबालिग लड़की का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपी को दोषी करार देते हुए 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर कुल 40 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
लड़की के साथ बार-बार बनाए संबंध
लोक अभियोजक पृथ्वी सिंह नेगी ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि यह घटना वर्ष 2019 की है। पीड़िता उस समय नाबालिग थी और बद्दी के दशोरा माजरा में अपने परिवार के साथ रहती थी। दोषी, जो पीड़िता का पड़ोसी था, ने पहले उससे जान-पहचान बढ़ाई और शादी का झांसा देकर उसे बहलाया-फुसलाया। इसके बाद, आरोपी नाबालिग का अपहरण कर गुजरात के सूरत ले गया। वहां एक किराए के कमरे में उसे रखा और उसके साथ बार-बार शारीरिक शोषण किया गया। इस संबंध में महिला पुलिस थाना बद्दी में पोक्सो (POCSO) एक्ट और आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।
अभियोजन पक्ष ने मामले को मजबूती से अदालत के समक्ष रखा और दोषी के खिलाफ कुल 18 गवाहों के बयान दर्ज कराए। वैज्ञानिक साक्ष्यों और गवाहों की विश्वसनीयता के आधार पर अदालत ने माना कि आरोपी ने पोक्सो अधिनियम की धारा 6 सहित आईपीसी की धारा 363, 366 और 376 के तहत जघन्य अपराध किया है। अदालत ने दोषी को पोक्सो अधिनियम के तहत 20 वर्ष का कठोर कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माना लगाया। इसके अलावा आईपीसी की धारा 363 और 366 के तहत पांच-पांच वर्ष का कठोर कारावास और 10-10 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में आरोपी को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

