हिमाचल की नंदिनी ने UPSC में टॉप कर रचा इतिहास; छात्रों को भी दिए सफलता मंत्र

punjabkesari.in Sunday, Mar 01, 2026 - 12:44 PM (IST)

हिमाचल डेस्क: संघर्ष की भट्टी में तपकर जब कोई हीरा निखरता है, तो उसकी चमक पूरे समाज को रोशन कर देती है। हिमाचल के ऊना जिला के पंजावर गांव की रहने वाली नंदिनी ठाकुर ने कुछ ऐसा ही कर दिखाया है। नंदिनी ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की कंबाइंड जियो-साइंटिस्ट (भू-वैज्ञानिक) परीक्षा में देशभर में शीर्ष स्थान हासिल कर अपने परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन किया है।

सरकारी स्कूल से UPSC टॉपर तक का सफर

नंदिनी का बचपन अभावों के बीच बीता। पिता संजय ठाकुर ने खेती-बाड़ी और माता राजरानी ने पशुपालन व घरेलू कार्यों के जरिए परिवार का भरण-पोषण किया। नंदिनी ने भी पढ़ाई के साथ-साथ घर के कामों में माता-पिता का हाथ बंटाकर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया। नंदिनी की प्रारंभिक शिक्षा 12वीं कक्षा तक गांव के ही सरकारी स्कूल में हुई। अपनी मेहनत के दम पर उन्होंने दिल्ली के दौलत राम कॉलेज से बीएससी (फिजिक्स ऑनर्स) और दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) से एमएससी (फिजिक्स) की पढ़ाई पूरी की। नंदिनी का मानना है कि सफलता किसी पर थोपी नहीं जा सकती, बल्कि यह आंतरिक प्रेरणा का परिणाम है।

माता-पिता का अटूट समर्थन

सफलता का श्रेय देते हुए नंदिनी कहती हैं कि भले ही उनके पास साधन कम थे, लेकिन माता-पिता ने उन्हें पढ़ने के लिए हमेशा अनुकूल माहौल दिया। उन्होंने कभी भी पढ़ाई में बाधा नहीं डाली। पिता संजय ठाकुर भावुक होकर कहते हैं कि उनकी गरीबी तो एक तरफ, लेकिन बेटी ने मेहनत से जो मुकाम हासिल किया है, उसने उनके सारे दुखों को गर्व में बदल दिया है। नंदिनी ने उन विद्यार्थियों के लिए सफलता के मूल मंत्र साझा किए हैं जो सीमित संसाधनों में भी ऊंचे सपने देखते हैं। उन्होंने कहा कि लक्ष्य पाने के लिए खुद को भीतर से प्रेरित रखना सबसे जरूरी है। पढ़ाई के लिए तय किए गए समय और अपनी दिनचर्या में अनुशासन बनाए रखें और अभावों को अपनी कमजोरी न बनने दें, बल्कि पढ़ाई में एकाग्रता को अपनी ताकत बनाएं।
 


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Editor

Swati Sharma

Related News