देश में बढ़ रही लूटपाट की वारदातें कर रहीं बड़े खतरे की ओर संकेत : राजेंद्र राणा

9/27/2020 5:09:54 PM

हमीरपुर (ब्यूरो): देश में बढ़ रही लूटपाट की वारदातें देश को अराजकता के दौर में धकेलने लगी हैं जोकि भविष्य के लिए बड़े खतरे की ओर संकेत कर रही हैं। यह बात राज्य कांग्रेस उपाध्यक्ष एवं विधायक राजेंद्र राणा ने जारी प्रैस बयान में कही है। उन्होंने कहा कि देश और राज्यों में विकराल होती बेरोजगारी ने देश में अराजकता व लूटपाट की वारदातों में इजाफा किया है लेकिन देश में बीजेपी की स्वार्थी सत्ता सिर्फ अपने हितों व पूंजीपतियों के हितों को पोषित करने में लगी है। इस बढ़े अराजकता के दौर में भ्रष्टाचार में इजाफा हुआ है। सरकार और सिस्टम से उठे भरोसे के बीच अब किसी भी नागरिक को सरकार की कारगुजारी पर कोई भरोसा नहीं बचा है।

देश के संसाधनों को एक-एक करके बेच चुकी बीजेपी अब झूठ की राजनीति पर आधारित सत्ता अब किसानों के हितों को निगलने पर आमादा हो गई है। सत्ताधारी बीजेपी ने जनता के हितों की बजाय अपने व पार्टी हितों को तरजीह दी है। राणा ने कहा कि देश की राजनीति का दुर्भाग्य यह है कि आजाद भारत के इतिहास में यह पहली बार हुआ है कि सत्ता जनता व समाज के हितों की बजाय निजी हितों व पार्टी  के हितों को ध्यान में रखकर कार्य कर रही है जबकि देश में महामारी व महंगाई लगातार पांव पसार रही है लेकिन सरकार को जनता की चिंता की बजाय पूंजीपतियों की चिंता है, जिसके चलते अब समूचे देश के संसाधनों व सिस्टम को सरकार निजी हाथों में दे रही है।

उन्होंने खुलासा किया है कि बढ़ रही अराजकता के इस दौर में विपक्षी पार्टियां ही नहीं सत्ताधारी पार्टी के कुछ लोग जो राष्ट्रवाद में भरोसा करते हैं, देश की चिंता कर रहे हैं लेकिन हिटलरशाही सत्ता के दबाव में वह निजी स्वार्थों के लालच में अपने आप को लाचार व बेबस पा रहे हैं। सत्ता की अति यह है कि संविधान व कानून को दरकिनार करके सत्ता देश को प्राइवेट जागीर के तौर पर चलाना चाह रही है। देश और प्रदेश में ठप्प पड़े विकास के बीच पूंजीवाद को पोषित करना सरकार का एकमात्र काम रह गया है, जिसके चलते देश में दलाल माफिया व भ्रष्टाचारियों का बोलबाला बढ़ा है।

उन्होंने चिंता प्रकट करते हुए कहा कि बीजेपी ने सत्ता की अति में अगर देश को व्यक्तिगत एजेंडे पर चलाने की जिद्द यूं ही बदस्तूर रखी तो आने वाले समय में लोकतंत्र का खात्मा तय है। उन्होंने कहा कि देश की युवा पीढ़ी, क्षमतावान व ऊर्जावान युवा शक्ति को सत्ता की अति को रोकने के लिए सामने आना होगा। अन्यथा इस देश का लोकतंत्र अब खतरे की जद में है क्योंकि देश में शुरू हुई राजनीति के दौर में अब वर्तमान सत्ताधारियों को देश की बजाय अपने निजी स्वार्थों को पूरा करने की हवस की आदत के कारण देश का माहौल लगातार बिगड़ा है, जिस कारण से यह देश पिछड़ा है।

सत्ता संरक्षण में देश को पूंजीपतियों के हाथों लूटाने का नया क्रम भी बीजेपी के राज में शुरू हुआ है, जिसमें सत्ता के दबाव में पूंजीपतियों को कर्जे दिलवाकर फिर उन कर्जों को वापस न करने या माफ करवाने के कारण देश के बैंकिंग सिस्टम को तबाह किया गया है। बैंकिंग सिस्टम के तबाह होने के कारण अर्थव्यवस्था का कचूमर निकल गया है, जिसमें देश के बड़े उद्योगपतियों ने जनता की खून-पसीने की कमाई को दीमक की तरह चाटा है। इनमें से कुछ उद्योगपति लोन लेकर विदेशों में भाग चुके हैं और कुछ ने सत्ता की सिफारिशों से अपने लोन माफ करवाए हैं।


Vijay

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