Himachal: मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने सोशल मीडिया पर डाली ये पोस्ट, सियासी गलियारों में मची हलचल
punjabkesari.in Sunday, Feb 01, 2026 - 04:54 PM (IST)
शिमला (भूपिन्द्र): लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने एक बार फिर अपने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए सियासी संदेश दिया है। बिना किसी का नाम लिए उन्होंने अपने विरोधियों पर तंज कसते हुए नेतृत्व की परिभाषा को परिभाषित किया है। अपने सोशल मीडिया पेज पर डाली गई पोस्ट में उन्होंने लिखा कि “नेतृत्व वह नहीं जो केवल सत्ता में दिखे, असली हिमाचली नेता वह है जो संकट में ढाल बनकर, विकास में साझेदार बनकर और हर संभव तरीके से हर वक्त अपने लोगों के साथ खड़ा नजर आए।” इस पोस्ट के सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में इसके अलग-अलग मायने निकाले जा रहे हैं।
विपक्ष पर माना जा रहा अप्रत्यक्ष हमला
सियासी विश्लेषकों के मुताबिक यह संदेश मौजूदा राजनीतिक हालात में सक्रियता, जवाबदेही और जनसरोकारों को लेकर है, जिसे विपक्ष पर अप्रत्यक्ष हमला माना जा रहा है। मंत्री विक्रमादित्य सिंह के इस बयान को हाल के दिनों में प्रदेश में आई प्राकृतिक आपदाओं, बंद सड़कों, बुनियादी ढांचे और राहत कार्यों से भी जोड़कर देखा जा रहा है। लोक निर्माण विभाग से जुड़े कार्यों को लेकर सरकार की सक्रिय भूमिका को रेखांकित करने की कोशिश के तौर पर भी इस पोस्ट को देखा जा रहा है।

संगठन और सत्ता के भीतर नेतृत्व की भूमिका को लेकर भी एक संकेत
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह पोस्ट केवल विपक्ष के लिए ही नहीं, बल्कि संगठन और सत्ता के भीतर नेतृत्व की भूमिका को लेकर भी एक संकेत है। “सत्ता में दिखने” और “जमीन पर खड़े रहने” के अंतर को रेखांकित कर विक्रमादित्य सिंह ने जनता के साथ सीधे जुड़ाव को असली राजनीति बताया है। पोस्ट में समग्र विकास और एकजुट हिमाचल की बात कहकर विक्रमादित्य सिंह ने क्षेत्रीय संतुलन और समान विकास का संदेश भी दिया है। ऐसे में यह माना जा रहा है कि आने वाले समय में यह बयान प्रदेश की राजनीति में नेतृत्व बनाम सत्ता की बहस को और तेज कर सकता है।
कमेंट में लोगों ने उठाया अधूरी पड़ी सड़कों का मुद्दा
विक्रमादित्य की पोस्ट का कई लोगों ने कमेंट के माध्यम से समर्थन किया है, वहीं कई लोगों ने अपने-अपने क्षेत्रों में अधूरी पड़ी सड़कों का मुद्दा भी उठाया है। डल्हौजी विधानसभा क्षेत्र के भलोगी गांव के संजीव कुमार ने उनके गांव के लिए अधूरे पड़े लिंक रोड का मामला उठाते हुए कहा कि इस रोड का एक वर्ष से काम बंद है। सुमित राठौर ने ठियोग से मतियाना सड़क का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सड़क से अभी तक बर्फ साफ नहीं हो पाई है।

