फिल्म में देखी शहीद की गाथा, लिख डाली पुस्तक

1/24/2021 9:58:58 PM

शहीद कैप्टन सौरभ कालिया की गाथा को किया समर्पित
पालमपुर (भृगु):
शहीदों को समर्पित फिल्म देखते हुए मिली प्रेरणा से एक युवा ने युद्ध नायकों पर पुस्तक लिख डाली। 7वीं कक्षा में पढ़ते हुए कारगिल युद्ध पर बनी फिल्म देख रहे त्रिलोकी नाथ शर्मा फिल्म में सबसे पहले शहीद कैप्टन सौरभ कालिया की गाथा को देख रहे थे, मन में कई प्रश्न उभरे, ऐसे में अपने पिता से शहीद कैप्टन सौरभ कालिया के बारे में जानकारी प्राप्त की तथा उसे शब्दों में पिरोने का निर्णय लिया। पटना के त्रिलोकी नाथ शर्मा व दिल्ली की श्रेया अरोड़ा ने कारगिल युद्ध के प्रथम शहीद कैप्टन सौरभ कालिया से प्रेरित अपनी पुस्तक द ब्रेव हार्ट ऑफ  मदर लैंड-द कारगिल हीरो का विमोचन किया।

हिंदी व अंग्रेजी में कारगिल युद्ध के शहीदों पर देशभर के लेखकों के इस संग्रहण का विमोचन 4 जाट रैजीमैंट के पूर्व अधिकारी कमांडिंग सेवानिवृत्त कर्नल शक्ति चंद शर्मा ने शहीद के माता-पिता की उपस्थिति में किया। उन्होंने युवा लेखकों के प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि पुस्तक में देशभर से शहीदों की स्मृतियों को पंक्तिबद्ध किया गया है। यह पुस्तक आगामी पीढ़ी के लिए प्रेरणा का माध्यम बनेगी। युवा लेखकों ने 4 जाट के बलिदानी कै. सौरभ कालिया से शुरूआत की है और उनका वर्णन बेहतर ढंग से किया है, जो हमारी पलटन के लिए भी लाभकारी साबित होगी।

शहीद के पिता डॉ. एनके कालिया ने कहा कि उनके लिए यह दिन बहुत ही ऐतिहासिक दिवस है। बच्चों का प्रयास एक अनूठा कदम है, इसके लिए युवा लेखकों का धन्यवाद करते हैं। जबकि शहीद की माता विजय कालिया ने कहा कि वह आज बहुत गर्व महसूस कर रही हैं। लेखकों ने कै. सौरभ पर एक अच्छी पुस्तक लिखकर सच्ची श्रद्धांजलि दी है। अपने लाडले की शहादत पर प्रकाशित कविता संग्रह में सबसे पहले अपने बेटे से संबंधित लेख से स्वजन बहुत गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं।

लेखिका श्रेया अरोड़ा ने बताया कि सैनिक पृष्ठभूमि न होने के बावजूद उन्होंने कारगिल युद्ध के शहीदों पर कहानियों से प्रेरित होकर पुस्तक प्रकाशन का प्रण लिया। इसके लिए देशभर से लोगों का सहयोग मिला है। उन्होंने कहा कि कै. सौरभ कालिया की जीवनी पर पुस्तक लिखने के लिए सेना से अनापत्ति प्रमाण पत्र लिया जा रहा है, जबकि सहलेखक त्रिलोकी नाथ शर्मा ने बताया कि पुस्तक लेखन की प्रेरणा उन्हें बीएसएफ  में सेवारत पिता मनोज कुमार शर्मा से मिली। उन्होंने कहा कि इस पुस्तक को सेवारत और सेवानिवृत्त सैनिकों तक पहुंचाना है ताकि वे इससे प्रेरित होकर भारत मां की रक्षा में बेहतर योगदान दे सकें। इस मौके पर शहीद के भाई वैभव कालिया सहित अन्य उपस्थित रहे।


Vijay

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