Himachal: 2 लाख की ''मनी ट्रेल'' से पंजाब कनैक्शन का पर्दाफाश, होशियारपुर से चिट्टे का मुख्य सप्लायर गिरफ्तार
punjabkesari.in Sunday, Jul 26, 2026 - 12:22 PM (IST)
बिलासपुर (बंशीधर): हिमाचल प्रदेश में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में बिलासपुर पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। कोट कहलूर थाना क्षेत्र के जंडोरी में 13.39 ग्राम चिट्टा बरामदगी के मामले में पुलिस ने इंटरस्टेट नैटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए नशे के मुख्य सप्लायर को पंजाब से गिरफ्तार किया है। आरोपी तक पहुंचने के लिए पुलिस ने तकनीकी जांच, इलैक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और मनी ट्रेल (पैसे के लेन-देन) का सहारा लिया। गिरफ्तार सप्लायर की पहचान कमलजीत सिंह निवासी मंगेरवाल दोआबा, थाना माहिलपुर, तहसील गढ़शंकर, जिला होशियारपुर (पंजाब) के रूप में हुई है।
जांच में पुलिस ने पहले गिरफ्तार किए गए आरोपियों के डिजिटल डिवाइस और बैंक खातों की बारीकी से पड़ताल की। इस दौरान नशे की खरीद-फरोख्त से जुड़े पैसों के लेन-देन का बड़ा खुलासा हुआ। जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी धनपत उर्फ गोल्डी ने पिछले करीब 3 महीनों में पंजाब के सप्लायर कमलजीत सिंह के बैंक खाते में अलग-अलग माध्यमों से लगभग 2 लाख रुपए ट्रांसफर किए थे। इसी पुख्ता सबूत (मनी ट्रेल) के आधार पर पुलिस ने होशियारपुर में दबिश देकर कमलजीत को धर दबोचा।
बता दें कि बीते 12 जुलाई को पुलिस ने जंडोरी क्षेत्र में गश्त और नाकाबंदी के दौरान एक वाहन की चैकिंग की थी। इस दौरान धनपत उर्फ गोल्डी और रोहित कुमार उर्फ रोतू दोनों निवासी बरोठा डवाला के कब्जे से 13.39 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ था। पुलिस ने तुरंत दोनों को गिरफ्तार कर मामले के बैकवर्ड लिंकेज की जांच शुरू की थी, जिसके बाद अब नशे के मुख्य सप्लायर को दबोचा गया है।
बिलासपुर के पुलिस अधीक्षक अभिषेक धीमान ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि मुख्य सप्लायर को पंजाब से गिरफ्तार कर लिया गया है। अब इस पूरे ड्रग नैटवर्क से जुड़े अन्य फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंक खंगाले जा रहे हैं। जांच में जो भी नए तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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