हिमाचल में हजारों उपभोक्ताओं की LPG बुकिंग अपने आप रद्द, लोग परेशान; सामने आई ये वजह
punjabkesari.in Saturday, Apr 04, 2026 - 01:09 PM (IST)
LPG Crisis : हिमाचल प्रदेश में गैस उपभोक्ताओं के लिए नया वित्त वर्ष मुसीबतों का पहाड़ लेकर आया है। दरअसल, 31 मार्च को गैस एजेंसियों के सिस्टम और ई-केवाईसी अनिवार्य होने के कारण उन सभी उपभोक्ताओं की बुकिंग कैंसिल हो गई है, जिन्होंने 20 मार्च के बाद आवेदन किया था, उन्हें सिलेंडर डिलीवर नहीं हो पाया था। उनकी बुकिंग सॉफ्टवेयर अपडेशन के कारण अपने आप रद्द हो गई हैं। वहीं, अब इन उपभोक्ताओं को नए सिरे से बुकिंग करानी पड़ रही है, जिससे गैस एजेंसियों के पास 'बैकलॉग' की सूची लगातार लंबी होती जा रही है।
सॉफ्टवेयर अपडेशन और ई-केवाईसी का फेर
बता दें कि प्रदेश में करीब 191 गैस एजेंसियों (इंडेन, एचपी और भारत गैस) हैं। वहीं, 31 मार्च को ज्यादातर एजेंसियों के सॉफ्टवेयर अपडेट हुए है। तकनीकी बदलाव के कारण 31 मार्च से पहले की सभी लंबित बुकिंग सिस्टम से हट गई हैं। वहीं, वित्त वर्ष बदलने से उपभोक्ताओं का पिछला कोटा भी समाप्त हो गया है। अब मिलने वाला सिलेंडर नए साल के कोटे (सालाना 12 सिलेंडर) में गिना जाएगा। वहीं, हजारों परिवार बिना गैस के परेशान हैं। कई उपभोक्ता ऐसे भी हैं, जिन्हें उनके गैस सिलिंडर की बुकिंग रद्द होने की जानकारी भी नहीं है।
शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ी वेटिंग
नए नियमों और सप्लाई की कमी के कारण उपभोक्ताओं की मुश्किलें बढ़ गई हैं। नियमों के अनुसार, शहरी उपभोक्ताओं को 25 दिन और ग्रामीण उपभोक्ताओं को 45 दिन बाद गैस सिलिंडर मिल रहा है। वहीं, 25 दिन बाद सिलेंडर मिलना चाहिए, लेकिन बुकिंग रद्द होने से यह वेटिंग अब 40 दिन पार कर गई है। वहीं, एक सामान्य सिलेंडर औसतन एक महीना चलता है, ऐसे में 40-45 दिन की वेटिंग ने परिवारों के सामने संकट खड़ा कर दिया है।
विभाग की सख्त चेतावनी
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक (सोलन), श्रवण हिमालयन ने स्पष्ट किया है कि उपभोक्ताओं को परेशान करने वाली एजेंसियों को बख्शा नहीं जाएगा। श्रवण हिमालयन ने कहा, "31 मार्च को सॉफ्टवेयर अपडेट होने से बुकिंग रद्द होने की जानकारी मिली है। सभी गैस एजेंसी मालिकों को निर्देश दिए जा रहे हैं कि जिनकी बुकिंग पहले की थी, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर तुरंत सिलेंडर मुहैया करवाएं। कोताही बरतने वाली एजेंसियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी; हाल ही में बद्दी में एक एजेंसी का लाइसेंस निलंबित किया गया है।"

