पालमपुर एवं केंद्रीय विश्वविद्यालय के मुद्दे जल्द सुलझेंगे, शांता कुमार की मांग पर CM सुक्खू ने दिया आश्वासन

punjabkesari.in Sunday, Aug 09, 2026 - 09:44 AM (IST)

Himachal Politics : हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री शांता कुमार ने शनिवार को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर और केंद्रीय विश्वविद्यालय के लंबित मुद्दों को तुरंत हल करने का आग्रह किया, जिस पर मुख्यमंत्री ने समस्याओं के जल्द समाधान का आश्वासन दिया है।

शांता कुमार ने कहा कि पालमपुर कृषि विश्वविद्यालय पिछले तीन वर्षों से बिना स्थायी कुलपति के चल रहा है। वहीं वित्तीय संकट ने वेतन भुगतान में देरी और विश्वविद्यालय की गतिविधियों में रुकावट जैसी समस्याओं को और बढ़ा दिया है। उन्होंने धर्मशाला में केंद्रीय विश्वविद्यालय परिसर के निर्माण में हो रही देरी पर भी चिंता जतायी और कहा कि केंद्र से लगभग 12 वर्ष पहले स्वीकृत यह परियोजना राज्य की हिस्सेदारी राशि जारी न होने से अधर में लटकी हुई है। उन्होंने कहा कि कई चुनौतियों के बावजूद 1978 में पालमपुर में स्थापित कृषि विश्वविद्यालय ने कांगड़ा और पूरे हिमाचल प्रदेश के विकास में अहम योगदान दिया है और देश के प्रमुख कृषि विश्वविद्यालयों में अपना स्थान बनाया है। उन्होंने धर्मशाला में केंद्रीय विश्वविद्यालय परिसर से जुड़े लंबे विवाद का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने करीब 12 वर्ष पहले विश्वविद्यालय परिसर के निर्माण के लिए 300 करोड़ रुपये मंजूर किये थे, जिसमें राज्य सरकार को 30 करोड़ रुपये का अंशदान देना था। राज्य का हिस्सा जारी न होने तक केंद्रीय धन का उपयोग नहीं किया जा सका, जिससे परियोजना अधूरी पड़ी है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि कांगड़ा के बुद्धिजीवियों और आम जनता ने प्रशासन से दोनों विश्वविद्यालयों की समस्याओं का समाधान करने की बार-बार मांग की है। उन्होंने बताया कि शनिवार को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से इस संबंध में विस्तार से बात की है और इन समस्याओं के जल्द समाधान के लिए कदम उठाने का आग्रह किया। छात्रों, कर्मचारियों और क्षेत्र के लोगों की चिंताओं का हवाला देते हुए उन्होंने विशेष रूप से पालमपुर कृषि विश्वविद्यालय में जल्द स्थायी कुलपति नियुक्त करने की मांग रखी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार के सामने आ रही कुछ व्यावहारिक कठिनाइयों को साझा किया और आश्वासन दिया कि दोनों विश्वविद्यालयों की समस्याओं को जल्द से जल्द सुलझाने का प्रयास किया जायेगा। 

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Content Editor

Swati Sharma

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