Himachal: मंडी में बारिश के बीच निकली राज देवता माधोराय की शाही जलेब, अंतर्राष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव शुरू

punjabkesari.in Thursday, Feb 27, 2025 - 05:18 PM (IST)

मंडी (रजनीश): छोटी काशी मंडी में वीरवार को 7 दिवसीय मंडी शिवरात्रि महोत्सव-2025 का आगाज राजदेवता माधोराय की शाही जलेब के साथ हुआ। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने राज देवता माधोराय के मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद अंतर्राष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव-2025 की प्रथम शाही जलेब में शिरकत की। जलेब में ढोल-नगाड़ों की धुन पर झूमते हुए सैंकड़ों देवलुओं ने शिरकत की। अंतर्राष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव की पहली जलेब बारिश के बीच में निकली। देवी-देवताओं के रथों को तिरपाल लगाए गए थे जबकि देवलू अपने आप को बारिश से बचाने के लिए छाते लेकर जा रहे थे। राजदेवता माधोराय की जलेब में सबसे आगे पुलिस के घुड़सवार, पुलिस और होमगार्ड बैंड, पुलिस के जवान, महिला पुलिस, होमगार्ड, पूर्व सैनिक लीग की टुकड़ियों के साथ-साथ सांस्कृतिक छटा बिखेरते सांस्कृतिक दलों ने भी राजदेवता की जलेब में शिरकत की।
PunjabKesari

मुख्यमंत्री ने पड्डल मैदान में किया ध्वजारोहण 
डीसी कार्यालय परिसर से शुरू हुई राजदेवता माधोराय की जलेब पड्डल मैदान में पहुंची। यहां पर मुख्यमंत्री ने ध्वजारोहण कर शिवरात्रि महोत्सव का शुभारंभ किया। वहीं जलेब में बालीचौकी क्षेत्र के दल द्वारा मशहूर फागली नृत्य के अलावा मुखौटा नृत्य, महिलाओं की नाटी के साथ-साथ मंडी का नागरीय नृत्य की झलक भी देखने को मिली। प्रजापिता ब्रह्मकुमारी संस्था की ओर से शिवरात्रि को लेकर विशेष झांकी के साथ जागरूकता का संदेश दिया गया। 
PunjabKesari

इन देवताओं ने लिया जलेब में भाग
राजदेवता माधोराय की पहली जलेब में बालीचौकी क्षेत्र के देवता छानणू-झमाहूं की जोड़ी ढोल-नगाड़ों की लय पर झूमे। इसके बाद देव कोटलू नारायण, देव सरोली मार्कंडेय, देव शैटी नाग, देवी डाहर की अंबिका, देव विष्णु मतलोड़ा, देव मगरू महादेव, देव चपलांदू नाग, श्रीदेव बायला नारायण, देव बिट्ठु नारायण, देव लक्ष्मी नारायण पखरोल, चौहारघाटी के देव हुरंग नारायण, देव घड़ौनी नारायण, देव पशाकोट नारायण, देव पेखरू का गहरी, देव चुंजवाला शिव, देव तुंगासी ब्रम्हा, देवी सरस्वती महामाया, देवी नाऊ अंबिका के बाद राज माधव की चांदी की कुर्सी और उसके पीछे राजदेवता की पालकी चल रही थी जबकि राजदेवता माधोराय की पालकी के पीछे देव शुकदेव डगाहंढु, देव शुकदेव मड़घयाल, देव जलौणी गणपति, देव शेषनाग टेपर, देव झाथीवीर और देव टूंडीवीर शामिल रहे।
हिमाचल की खबरें Twitter पर पढ़ने के लिए हमें Join करें Click Here
अपने शहर की और खबरें जानने के लिए Like करें हमारा Facebook Page Click Here
हिमाचल प्रदेश की खबरें पढ़ने के लिए हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें Click Here


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Writer

Vijay

Related News