हिमाचल के ऊंचाई वाले इलाकों में ताजा बर्फबारी, जनजीवन प्रभावित; 2 दिनों तक बारिश और बर्फबारी का पूर्वानुमान
punjabkesari.in Sunday, Mar 29, 2026 - 04:25 PM (IST)
Himachal Weather Update : हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में ताज़ा बर्फबारी और राज्यभर में रविवार को हुई व्यापक बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया। ठंड एक बार फिर बढ़ गई है, जिसके चलते लाहौल-स्पीति जिला प्रशासन ने यात्रियों को फिसलन भरी सड़कों पर सावधानी से वाहन चलाने की सलाह जारी की है।
लगातार बर्फबारी के कारण रास्ते बंद
जिला आपात रिपोर्ट के अनुसार, रोहतांग दरर, कीलॉन्ग क्षेत्र, सेवन सिस्टर्स हिल, कुंजुम दरर, गोशल हिल, किन्नौर और श्रीखंड कैलाश सहित कई ऊंचाई वाले इलाकों में लगातार बर्फबारी के कारण रास्ते बंद हो गए हैं। रोहतांग दरर और कुंजुम दरर समेत प्रमुख मार्गों पर आवाजाही ठप है। रोहतांग मार्ग के आंशिक रूप से बंद होने से अंतर-घाटी संपर्क भी प्रभावित हुआ है। पुलिस ने हिमस्खलन, भूस्खलन और अचानक हाईवे बंद होने की आशंका को लेकर अलर्ट जारी किया है। सुबह से ही राज्य के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, जिससे मौसम ठंडा हो गया है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बफर्बारी के कारण तापमान में अचानक गिरावट आई है और दिन के तापमान में और कमी आने की संभावना है।
सबसे गर्म रहा ऊना
मौसम विभाग के शिमला केंद्र के अनुसार, पिछले 24 घंटों में न्यूनतम और अधिकतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं हुआ, हालांकि कई स्थानों पर न्यूनतम तापमान सामान्य से तीन से पांच डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। राज्य में सबसे कम न्यूनतम तापमान टाबो में 3.1डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि ऊना 30.8 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म रहा। कांगड़ा और आसपास के क्षेत्रों में अच्छी बारिश दर्ज की गई, जहां जोट में 15 मिमी, कांगड़ा में 14.5 मिमी और भटियात में 8.4 मिमी वर्षा हुई। शिमला में न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस , मनाली में 10.4 डिग्री सेल्सियस , धर्मशाला में 6.5 डिग्री सेल्सियस और कुफरी में 8.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कीलॉन्ग में पारा 3.9 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया, जिससे जनजातीय इलाकों में कड़ाके की ठंड बनी हुई है।
2 दिनों तक बारिश और बर्फबारी के आसार
वहीं, मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक राज्य में बारिश और बर्फबारी जारी रहने का पूर्वानुमान जताया है। इसके साथ ही 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं, गरज-चमक और बिजली गिरने की भी आशंका है। इसके अलावा, दो अप्रैल से उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिससे मौसम और अधिक समय तक खराब रह सकता है। प्रशासन ने लोगों, खासकर ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रहने वालों, को अनावश्यक यात्रा से बचने और ट्रैफिक एडवाइजरी का पालन करने की सलाह दी है।

