हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने पारित किया बजट...₹4.54 करोड़ का राजस्व घाटा, अब छात्रों पर पड़ेगा फीस का बोझ

punjabkesari.in Wednesday, Apr 08, 2026 - 06:19 PM (IST)

शिमला (अभिषेक): हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) ने आगामी वित्त वर्ष 2026-27 के लिए अपना रियल टाइम अनुमानित बजट तैयार कर पारित कर दिया है। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा पारित इस बजट के अनुसार इस बार 4.54 करोड़ रुपए का राजस्व घाटा रहने का अनुमान है। आंकड़ों के मुताबिक वित्त वर्ष 2026-27 के लिए विश्वविद्यालय का कुल वास्तविक अनुमानित खर्च 340.95 करोड़ रुपए और अनुमानित आय 336.41 करोड़ रुपए होगी। बजट तैयार करते समय विश्वविद्यालय ने केवल वास्तविक राजस्व और खर्चों को ही आधार बनाया है। विशेष बात यह है कि आंतरिक बजट बनाते समय विश्वविद्यालय के रिक्त पदों को भरने पर होने वाले संभावित खर्च को फिलहाल इस बजट से बाहर रखा गया है। प्रशासन का मुख्य ध्यान अब अनावश्यक खर्चों को कम करने और आय के स्रोतों को बढ़ाने पर केंद्रित है।

विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि यदि आगामी समय में शिक्षकों और कर्मचारियों के रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू की जाती है, तो उससे होने वाले खर्च को वार्षिक बजट में शामिल कर एक सप्लीमैंट्री बजट (पूरक बजट) तैयार किया जाएगा। यह नई व्यवस्था इसलिए अपनाई गई है ताकि विश्वविद्यालय की वार्षिक आय, व्यय और वित्तीय स्थिति की वास्तविक वस्तुस्थिति का सटीक पता लगाया जा सके। गौरतलब है कि पिछले वर्षों में बजट तैयार करते समय प्रस्तावित योजनाओं पर होने वाले खर्चों को भी इसमें शामिल किया जाता था।

बता दें कि वित्तीय मोर्चे पर विश्वविद्यालय को प्रदेश सरकार की ओर से एक बड़ा झटका लगा है। सरकार ने एचपीयू को मिलने वाले वार्षिक वित्तीय अनुदान (बजट) में कटौती की है। इस कारण इस बार विश्वविद्यालय को 152.20 करोड़ रुपए के स्थान पर केवल 142 करोड़ रुपए ही प्राप्त होंगे। सरकारी अनुदान में हुई इस कटौती की भरपाई के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने अब आय के साधन बढ़ाने पर जोर देना शुरू कर दिया है। इसके लिए हाल ही में हुई कार्यकारी परिषद (ईसी) की बैठक में स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर पर फीस वृद्धि के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी गई है। इसके अलावा, डिग्री, सर्टिफिकेट और डिप्लोमा प्राप्त करने की फीस में भी बढ़ौतरी का निर्णय लिया गया है। यह नया फीस स्ट्रक्चर सत्र 2026-27 से प्रभावी होगा।

हिमाचल प्रदेश से जुड़ी खबरें पढ़ने के लिए हमारे WhatsApp group को Join करें


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Writer

Vijay

Related News