Monsoon Update: 13% कम बारिश के बावजूद हिमाचल में भारी तबाही; अब तक 221 की मौत, ₹1110 करोड़ का नुक्सान

punjabkesari.in Friday, Aug 21, 2026 - 09:10 PM (IST)

शिमला (संतोष): हिमाचल प्रदेश में इस वर्ष मानसून के दौरान भले ही बारिश सामान्य से कम हुई हो, लेकिन प्राकृतिक आपदाओं ने राज्य में भारी तबाही मचाई है। 30 जून से अब तक राज्य में कुल बारिश सामान्य से 13 फीसदी कम दर्ज की गई है। इसके बावजूद, भूस्खलन और बारिश से जुड़ी अन्य घटनाओं के कारण राज्य को लगभग 1110 करोड़ रुपए का भारी आर्थिक नुक्सान झेलना पड़ा है।

बुनियादी ढांचा बुरी तरह प्रभावित
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार इस मानसून सीजन में हादसों का शिकार होकर अब तक 221 लोगों की जान जा चुकी है। इसके अलावा 330 लोग घायल हुए हैं और 1 व्यक्ति अभी भी लापता है। आपदा में 87 घर पूरी तरह से जमींदोज हो गए हैं, जबकि 361 घरों को आंशिक रूप से नुक्सान पहुंचा है। इन हादसों में 437 पशुओं की भी मौत हुई है। बुनियादी ढांचे पर भी मानसून की गहरी मार पड़ी है। भूस्खलन के कारण वर्तमान में राज्य की 99 सड़कें यातायात के लिए बंद हैं। इसके साथ ही 66 पेयजल योजनाएं और 7 बिजली ट्रांसफार्मर भी ठप्प पड़े हैं, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ है।

बारिश के आंकड़ों में भारी असमानता
राज्य के विभिन्न जिलों में बारिश के आंकड़ों में भारी असमानता देखने को मिली है। 1 से 21 अगस्त के बीच जहां सिरमौर में सामान्य से 22 प्रतिशत और कुल्लू में 17 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई, वहीं लाहौल-स्पीति में सामान्य से 67 प्रतिशत, किन्नौर में 47 प्रतिशत और चम्बा में 36 प्रतिशत कम बारिश हुई है।

आगे कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार शुक्रवार को अधिकांश इलाकों में मौसम शुष्क रहा। धर्मशाला में मात्र 5.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि कल्पा में हल्की बूंदाबांदी हुई। राजधानी शिमला और मनाली सहित अन्य इलाकों में बारिश नहीं हुई। मौसम विभाग ने शनिवार के लिए राज्य के कुछ हिस्सों में भारी बारिश का यैलो अलर्ट जारी किया है। हालांकि, प्रदेशवासियों के लिए राहत की बात यह है कि 23 अगस्त से मानसून के कमजोर पड़ने की संभावना जताई गई है।

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Content Writer

Vijay

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