हिमाचल: MIS के तहत 16,877 बागवानों को मिले 35.68 करोड़ रुपए, शाखाओं को दिए गए ये निर्देश
punjabkesari.in Saturday, Oct 24, 2026 - 11:08 AM (IST)
Shimla News : हिमाचल प्रदेश सरकार ने इस साल अब तक 'मार्केट इंटरवेंशन स्कीम' (MIS) के तहत लगभग 16,877 बागवानों को करीब 35.68 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। प्रदेश हॉर्टिकल्चर प्रोड्यूस मार्केटिंग एंड प्रोसेसिंग कॉरपोरेशन (HPMC) ने 17.53 करोड़ रुपये नकद दिए हैं, और 18.15 करोड़ रुपये मूल्य की सामग्री (इनपुट) उपलब्ध कराई है, जिसमें हॉर्टिकल्चर मिनरल ऑयल (HMO), उर्वरक, मशीनरी और अन्य सामान शामिल हैं। एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
एचपीएमसी के एक प्रवक्ता ने बताया कि इसके अलावा, 7,059 बागवानों से जुड़े 12.13 करोड़ रुपये के भुगतान दावे (पेमेंट क्लेम) अभी प्रक्रिया में हैं। यहां जारी एक बयान में कहा गया है कि राज्य सरकार बागवानों के हितों की रक्षा करने और उन्हें समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए लगातार काम कर रही है। अधिकारी ने बताया कि 8 अक्टूबर को हुई एचपीएमसी बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की 222वीं बैठक में, एमआईएस के तहत लंबित दावों को जमा करने के लिए समय-सीमा तय की गई है। इसका उद्देश्य दावा जमा करने की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करना, कॉरपोरेशन की वित्तीय देनदारियों को तय करना और भुगतान प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और समयबद्ध बनाना है। उन्होंने बताया कि जिन बागवानों ने MIS-2024 या उससे पहले की योजनाओं के तहत सेब की आपूर्ति की थी, लेकिन अभी तक अपने भुगतान दावे जमा नहीं किए हैं, उन्हें 30 अक्टूबर 2026 तक ऐसा करना होगा।
शाखाओं को दिए गए ये निर्देश
इसी तरह, जिन बागवानों ने MIS-2025 के तहत 30 बैग तक सेब की आपूर्ति की है, उन्हें 15 नवंबर तक अपने लंबित दावे जमा करने होंगे। जिन लोगों ने 31 से 100 बैग सेब की आपूर्ति की है और अभी तक अपने भुगतान दावे जमा नहीं किए हैं, उन्हें 30 नवंबर 2026 तक ऐसा करना होगा। कॉरपोरेशन ने सभी संबंधित शाखाओं को निर्देश दिए हैं कि वे लंबित भुगतान दावों की प्रक्रिया को पारदर्शी, व्यवस्थित और समयबद्ध तरीके से पूरा करें। हर शाखा को प्राप्त दावों और उनके समर्थन में जमा किए गए दस्तावेजों का उचित रिकॉर्ड रखना होगा। सभी लंबित दावों के लिए एक 'सीनियरिटी रजिस्टर' (वरिष्ठता रजिस्टर) बनाए रखना भी अनिवार्य कर दिया गया है। जैसे ही बागवान से जरूरी दस्तावेज प्राप्त होंगे, दावे को एक सीरियल नंबर दे दिया जाएगा और संबंधित विवरण रजिस्टर में दर्ज कर लिया जाएगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि सभी दावों का सही ढंग से रिकॉर्ड रखा जाए और तय क्रम के अनुसार उन पर कार्रवाई की जाए। इसके अलावा, शाखा स्तर पर ऐसी व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि बागवानों को त्वरित और सुविधाजनक सेवाएं मिल सकें।
प्रवक्ता ने सभी संबंधित बागवानों से अपील की है कि वे तय समय-सीमा का विशेष ध्यान रखें और अपने लंबित MIS भुगतान दावों को, जरूरी दस्तावेजों के साथ, समय रहते अपनी संबंधित एचपीएमसी शाखाओं में जमा करा दें। इससे आगे की सत्यापन (वेरिफिकेशन) और भुगतान प्रक्रिया को लागू नियमों के अनुसार पूरा किया जा सकेगा।

