Himachal: राज्यपाल का बड़ा बयान, कहा-चिट्टा आरोपियों को पंचायत चुनाव लड़ने से रोकना कानूनन सही नहीं
punjabkesari.in Sunday, Jan 18, 2026 - 12:58 PM (IST)
शिमला (कुलदीप): राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने कहा है कि चिट्टा आरोपियों को पंचायत चुनाव लड़ने से रोकना कानूनन सही नहीं है। उन्होंने कहा कि लोगों को बंधक नहीं बनाया जा सकता, उनकी उन्मुक्तता को अधिक सीमा तक जाने पर रोक लगाना जरूरी है। राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल शिमला में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि शासन और प्रशासन के प्रयास नशे पर तब तक लगाम नहीं लगा सकते, जब तक जनता को इसके बारे में जागरूक नहीं किया जाएगा। नशे के खिलाफ जब उनकी तरफ से अभियान चलाया गया था, तो उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों को बुलाया था। उस समय पंचायत प्रतिनिधियों ने उनसे पंचायत में ऐसे लोगों को दी जाने वाली सुविधाएं रोकने की बात कही थी। उन्होंने इस पर कहा था कि पंचायत प्रतिनिधि ऐसा नहीं कर सकते, यदि अब सरकार यही काम करेगी तो इसकी सब में स्वीकार्यता होना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि नशे को लेकर सिर्फ होर्डिंग और नारे लगाने से काम नहीं चलेगा, इसके लिए जनता के बीच जाकर जनजागरण अभियान चलाना जरूरी है।
शिपकी-ला के रास्ते तिब्बत से फिर होगी व्यापार की शुरूआत
राज्यपाल ने हिमाचल प्रदेश के शिपकी-ला के रास्ते कैलाश मानसवरोर यात्रा शुरू करने को लेकर पूछे प्रश्न के उत्तर में कहा कि इस विषय को राज्य सरकार ने भी केंद्र सरकार से उठाया है। अब केंद्रीय विदेश मंत्रालय इस यात्रा को शुरू करने के विकल्पों पर काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि इन्हीं प्रयासों से शिपकी-ला के रास्ते चीन अधिकृत तिब्बत से फिर व्यापार की शुरूआत होगी। उल्लेखनीय है कि व्यापार के इस रास्ते के खुलने से न सिर्फ किन्नौर, बल्कि देश व प्रदेश के अन्य भागों में रहने वाले कारोबारियों को लाभ मिलेगा। इसके तहत कारोबारी अब सरकार की तरफ से चिन्हित वस्तुओं को चीन अधिकृत तिब्बत तक भेज सकेंगे। साथ ही वहां से पशमीना व अन्य वस्तुओं को यहां लाया जा सकेगा। शिपकी-ला दर्रा भारत और चीन अधिकृत तिब्बत के बीच एक सदियों पुराना ऐतिहासिक व्यापार मार्ग है। यह सतलुज नदी के साथ जुड़ा है और शुरू से ऊन, मसाले, अनाज, धातु के औजारों और स्थानीय हस्तशिल्प के आदान-प्रदान का केंद्र रहा है। शिपकी-ला से व्यापार खुलने से ओल्ड सिल्क रूट की यादें ताजा हो गई हैं।

