Kangra: धर्मशाला में पेयजल आपूर्ति ठप्प, शहर में जल संकट, बहाली में लगेंगे 2 से 3 दिन
punjabkesari.in Thursday, Sep 03, 2026 - 07:00 PM (IST)
धर्मशाला (सुनील): हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला और आसपास के पहाड़ी इलाकों में मूसलाधार बारिश के चलते कुनाल पथरी-गुणा माता मंदिर के समीप तथा नड्डी क्षेत्र में भारी भूस्खलन हुआ है। इस प्राकृतिक आपदा के कारण धर्मशाला टाऊन वाटर सप्लाई स्कीम को पानी पहुंचाने वाली मुख्य ग्रैविटी पाइपलाइनें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं। गुणा माता के पास भटेड़ खड्ड से जल लिफ्ट कर नड्डी स्थित 4.40 एमएलडी क्षमता वाले वाटर ट्रीटमैंट प्लांट तक लाया जाता है, जो पूरे धर्मशाला शहर की पेयजल आपूर्ति की मुख्य रीढ़ है। पाइपलाइनें ध्वस्त होने से नड्डी प्लांट से होने वाली मुख्य सप्लाई पूरी तरह ठप्प पड़ गई है, जिससे शहर के विभिन्न वार्डों व मोहल्लों में पानी का संकट गहरा गया है।
जल शक्ति विभाग की विशेष टीमों को तुरंत मौके पर तैनात कर दिया गया है और मुरम्मत का कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया है। लगातार हो रही बारिश और दरकती जमीन के कारण काम में दिक्कतें आ रही हैं, जिससे लाइन को पूरी तरह बहाल करने में 2 से 3 दिन का समय लग सकता है। पहाड़ों पर भूस्खलन और लगातार कटाव के कारण मुरम्मत कार्य में लगी विभागीय टीमों को चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। फिर भी कर्मचारी सुरक्षित तरीके से जल्द से जल्द आपूर्ति बहाल करने में जुटे हैं। जब तक मुख्य प्लांट चालू नहीं होता, तब तक वैकल्पिक स्रोतों से राशनिंग के आधार पर पानी वितरित किया जाएगा।
3 मुख्य जल स्रोत, वैकल्पिक व्यवस्था से दी जा रही सप्लाई
धर्मशाला शहर को पेयजल आपूर्ति के लिए मुख्य रूप से तीन बड़े स्रोत हैं, जिनमें नड्डी प्लांट, धार प्लांट और ट्यूबवैल शामिल हैं। राहत की बात यह है कि ये सभी जल स्रोत आपस में इंटर-लॉक हैं। नड्डी प्लांट से सप्लाई बंद होने के बाद विभाग ने शहरवासियों की सुविधा के लिए धार प्लांट, ट्यूबवैल और दाड़ी बाईपास के माध्यम से वैकल्पिक जल आपूर्ति शुरू कर दी है। इसके बावजूद शहर में पानी की किल्लत न हो, इसके लिए विभागीय अधिकारियों ने आम जनता से पानी का संयम से उपयोग करने और इसे व्यर्थ न बहाने की अपील की है।
अधिशासी अभियंता जल शक्ति विभाग धर्मशाला सुमित कटोच का कहना है कि मूसलाधार बारिश और भूस्खलन से मुख्य पेयजल लाइनें टूटने के कारण आपूर्ति बाधित हुई है। विभागीय कर्मचारी दिन-रात मुरम्मत के काम में जुटे हुए हैं। फिलहाल शहर में वैकल्पिक स्रोतों से पानी की सप्लाई शुरू कर दी गई है। शहरवासियों से अपील है कि जब तक व्यवस्था पूरी तरह से सुचारू नहीं होती, तब तक पानी का इस्तेमाल संयम से करें और विभाग का सहयोग करें।

