मंडी में दिव्यांग महिला से दरिंदगी, कोर्ट ने आरोपित की जमानत याचिका की खारिज
punjabkesari.in Saturday, Apr 04, 2026 - 03:47 PM (IST)
Mandi News : अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश-1 मंडी की अदालत ने सदर क्षेत्र के एक व्यक्ति द्वारा दायर जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। आरोपित पर 40 वर्षीय मानसिक रूप से अक्षम महिला के साथ दरिंदगी करने का आरोप है। पुलिस द्वारा आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल किए जाने के बाद आरोपित ने रिहाई की गुहार लगाई थी, जिसे न्यायालय ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए स्वीकार नहीं किया।
क्या था पूरा मामला?
अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह घटना 13 जनवरी की है। जब आरोपी इस घिनौने कृत्य को अंजाम दे रहा था, तब एक स्थानीय व्यक्ति ने उसे देख लिया और शोर मचाया। पकड़े जाने के डर से आरोपी मौके से फरार हो गया था। शोर सुनकर पहुंचे लोगों ने पीड़िता को बदहवास और रोते हुए पाया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत केस दर्ज कर आरोपित को न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।
बचाव और अभियोजन पक्ष की दलीलें
वहीं, सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई। आरोपी के वकील ने तर्क दिया कि उसे झूठा फंसाया गया है और वह लंबे समय से जेल में है। उन्होंने दलील दी कि फॉरेंसिक रिपोर्ट में सीमेन नहीं पाया गया है, इसलिए उसे जमानत मिलनी चाहिए। राज्य की ओर से जमानत का कड़ा विरोध करते हुए कहा गया कि यह समाज के विरुद्ध एक जघन्य अपराध है। यदि आरोपी बाहर आता है, तो वह गवाहों को डरा-धमका सकता है और साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ कर सकता है।
न्यायालय का कड़ा फैसला
अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आरोपी को राहत देने से इनकार कर दिया। न्यायालय ने कहा, "भले ही वैज्ञानिक साक्ष्यों (FSL रिपोर्ट) में कुछ तकनीकी कमी हो, लेकिन मामले में चश्मदीद गवाह और स्वयं पीड़िता के बयान अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। मानसिक रूप से दिव्यांग महिला के साथ किया गया यह कृत्य समाज के लिए घातक है और इसमें कठोर सजा का प्रावधान है।"

