CM सुक्खू की बड़ी घोषणा, हमीरपुर में स्थापित होगी उत्तर भारत की पहली प्राकृतिक खेती लैब
punjabkesari.in Friday, Aug 14, 2026 - 07:55 PM (IST)
हमीरपुर (राजीव): मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अपने हमीरपुर दौरे के दौरान करोड़ों रुपए की विकास परियोजनाओं की घोषणा की है। हमीरपुर डिग्री कॉलेज के वार्षिक समारोह को संबोधित करते हुए सीएम सुक्खू ने जहां एक ओर क्षेत्र के लिए कई बड़े संस्थानों की घोषणा की, वहीं बातों ही बातों में स्थानीय लोगों को नसीहत भी दे डाली कि वे काम करने वालों की सराहना करने में कंजूसी करते हैं। इसके साथ ही उन्होंने पिछली भाजपा सरकार, पेपर लीक मामलों और किशाऊ बांध परियोजना को लेकर कड़े प्रहार किए।
हमीरपुर में खुलेंगे साइंस कॉलेज और आयुर्वेद संस्थान
मुख्यमंत्री ने जिले के लिए कई अहम घोषणाएं करते हुए कहा कि उत्तर भारत की पहली प्राकृतिक खेती लैब हमीरपुर में स्थापित की जाएगी। इसके अलावा प्रदेश का पहला साइंस कॉलेज भी हमीरपुर में खोला जाएगा। इसके लिए 80 कनाल भूमि का चयन कर लिया गया है। इस कॉलेज के निर्माण पर 100 करोड़ रुपए खर्च होंगे, जिसकी पहली किस्त के रूप में 20 करोड़ रुपए जारी कर दिए गए हैं। अगले शैक्षणिक सत्र से इस साइंस कॉलेज में कक्षाएं शुरू हो जाएंगी। सीएम ने यह भी घोषणा की कि जिले में 300 करोड़ रुपए की लागत से एम्स स्तर का आयुर्वेदिक संस्थान और एलाइड एवं स्वास्थ्य सेवा महाविद्यालय भी खोला जाएगा।
हम काम करते हैं, आप पीठ थपथपाने में कंजूसी करते हैं
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने मजाकिया लहजे में लोगों से एक शिकायत भी की। उन्होंने कहा कि हम काम करते हैं, लेकिन जब पीठ थपथपाने की बारी आती है, तो हमीरपुर के लोग कंजूसी करते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव केवल भाषणों और नारों से नहीं, बल्कि कर्म करने से जीते जाते हैं। अपना निजी उदाहरण देते हुए सीएम ने कहा कि उनके तीन भाई-बहन नौकरी करते हैं, लेकिन उन्होंने जनसेवा के लिए नौकरी नहीं की। उन्होंने युवाओं को असफलता से घबराकर पीछे हटने की बजाय उससे सीख लेकर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। सीएम ने दोहराया कि वे सत्ता सुख के लिए नहीं, बल्कि व्यवस्था परिवर्तन के लिए आए हैं।
पेपर लीक को लेकर पूर्व भाजपा सरकार पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने पिछली डबल इंजन सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि उनके समय में हिमाचल शिक्षा के क्षेत्र में 21वें स्थान पर था, जबकि वर्तमान सरकार के प्रयासों से प्रदेश छठे स्थान पर आ गया है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने करुणामूलक आधार पर 1,000 लोगों को नियुक्ति पत्र दिए हैं। भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि 2017 से 2022 के बीच कई भर्तियों के पेपर लीक हुए और वही लोग आज पुलिस भर्ती पेपर लीक पर सवाल उठा रहे हैं। सीएम ने स्पष्ट किया कि वर्तमान सरकार ने नौकरियों में सिफारिश की प्रथा को पूरी तरह बंद कर दिया है। अब लिखित परीक्षा और पर्सनल इंटरव्यू के अंक जोड़कर मेरिट बन रही है, ताकि केवल काबिल युवाओं को ही नौकरी मिले।
75 हजार महिलाओं को खुशखबरी का संकेत
केंद्र सरकार की अग्निवीर योजना पर हमला बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 4 साल की नौकरी देकर युवाओं को ठगा गया है, जबकि प्रदेश सरकार ने पुलिस भर्ती शुरू कर युवाओं को पक्की नौकरी देने का काम किया है। उन्होंने 2027 में सत्ता में लौटने का ख्वाब देख रहे विपक्ष से पूछा कि वे पुरानी पेंशन योजना का क्या करेंगे? इसके साथ ही सीएम ने संकेत दिया कि जल्द ही हमीरपुर जिले की 75,000 महिलाओं को 1,500 रुपए की सम्मान राशि मिलने की खुशखबरी मिलेगी।
बीबीएमबी का बकाया दें पड़ोसी राज्य, तभी साइन होगा एमओयू
अंतर्राज्यीय मामलों पर कड़ा रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार ने पिछली भाजपा सरकार द्वारा किए गए 422 मेगावाट की किशाऊ बहुउद्देश्यीय परियोजना के समझौते को खारिज कर दिया है, क्योंकि उस समझौते के तहत हिमाचल पर बिजली उत्पादन की लागत का भारी बोझ पड़ना था। सीएम ने कहा कि सरकार के दृढ रुख के कारण अब हिमाचल को बिना किसी वित्तीय निवेश के लगभग 600 करोड़ रुपए का वार्षिक राजस्व मिलेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि हिमाचल प्रदेश इस परियोजना को तभी आगे बढ़ाएगा, जब पड़ोसी राज्य सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई से पहले शपथ पत्र दाखिल कर यह सुनिश्चित करेंगे कि वे भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड के बकाया भुगतान में हिमाचल को उसका हिस्सा देंगे। इन शर्तों के पूरा होने पर ही एमओयू साइन किया जाएगा।
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